सिनेमा और सेवा का संगम: प्रेम चोपड़ा ने अपनी पहली फिल्म के 'हीरो' सरदार सिंह सूरी को दी भावभीनी श्रद्धांजलि

A Confluence of Cinema and Service: Prem Chopra Pays a Heartfelt Tribute to Sardar Singh Suri—The 'Hero' of His Debut Film
 
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मुंबई (अनिल बेदाग): मानवता की सेवा और अध्यात्म के प्रतीक, चार बंगला गुरुद्वारा साहिब के संस्थापक सरदार सिंह सूरी की 7वीं पुण्यतिथि के अवसर पर मुंबई में श्रद्धा और भक्ति का सैलाब उमड़ पड़ा। हजारों श्रद्धालुओं ने भजन-कीर्तन, अरदास और विशाल लंगर में शिरकत कर उनकी स्मृतियों को नमन किया। इस गरिमामय कार्यक्रम में बॉलीवुड के दिग्गज अभिनेता प्रेम चोपड़ा ने अपनी उपस्थिति से सरदार सिंह सूरी की विरासत को विशेष सम्मान दिया।

प्रेम चोपड़ा की पहली फिल्म के 'हीरो' थे सरदार सिंह सूरी

समारोह के दौरान प्रेम चोपड़ा काफी भावुक नजर आए। उन्होंने एक ऐसी अनकही याद साझा की जिसने सबको चकित कर दिया। चोपड़ा ने बताया कि सरदार सिंह सूरी उनके करियर की पहली फिल्म में हीरो के रूप में उनके सह-कलाकार थे। उन्होंने कहा सूरी साहब केवल एक नेक इंसान नहीं, बल्कि एक मार्गदर्शक थे। उनके साथ अपनी पहली फिल्म में काम करना मेरे लिए आज भी सबसे कीमती यादों में से एक है। उन्होंने कई जिंदगियों को एक नई दिशा दी।"

'ऐ धरती पंजाब दी': 9 पुरस्कारों से सम्मानित ऐतिहासिक फिल्म

सरदार सिंह सूरी का योगदान केवल गुरुद्वारे की स्थापना तक सीमित नहीं था, बल्कि उन्होंने भारतीय सिनेमा को भी नई ऊंचाइयां दीं। उनकी प्रसिद्ध फिल्म “ऐ धरती पंजाब दी” ने उस दौर में सफलता के नए कीर्तिमान स्थापित किए थे:

  • सम्मान: इस फिल्म ने कुल 9 राष्ट्रीय पुरस्कार जीते, जिन्हें तत्कालीन प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू ने स्वयं प्रदान किया था।

  • संगीत: फिल्म के गीतों को अमर बनाने में महान गायक मोहम्मद रफ़ी और महेंद्र कपूर की आवाजों का जादू शामिल था।

सेवा और विनम्रता की अमर विरासत

पुण्यतिथि के इस समारोह ने यह साबित कर दिया कि सरदार सिंह सूरी द्वारा बोए गए सेवा, विनम्रता और समर्पण के बीज आज एक विशाल वटवृक्ष बन चुके हैं। उनकी सातवीं पुण्यतिथि न केवल उनके प्रति सम्मान व्यक्त करने का माध्यम बनी, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए समाज सेवा का एक प्रेरणा स्रोत भी बनी।

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