दुष्यंत कुमार गौतम के खिलाफ बयानबाजी कर कांग्रेस कर रही उनकी छवि धूमिल: सुरजीत कुमार
शिरोमणि गुरु रविदास विश्व महापीठ ने दी देशव्यापी आंदोलन की चेतावनी, राहुल गांधी से बयान वापस लेने की मांग
नई दिल्ली/हरिद्वार। शिरोमणि गुरु रविदास विश्व महापीठ के राष्ट्रीय अध्यक्ष सुरजीत कुमार ने कांग्रेस पर भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता एवं महापीठ के अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष दुष्यंत कुमार गौतम की छवि धूमिल करने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि दुष्यंत कुमार गौतम का रविदास समाज सहित सर्वसमाज में सम्मान और प्रतिष्ठा है। उनके खिलाफ की जा रही बयानबाजी से समाज के लोगों में नाराजगी है।
सुरजीत कुमार ने उत्तराखंड के अंकिता भंडारी प्रकरण का उल्लेख करते हुए आरोप लगाया कि कांग्रेस के नेता, कार्यकर्ता और पदाधिकारी इस मामले को लेकर अफवाहें फैलाकर दुष्यंत कुमार गौतम को निशाना बना रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि मामले में गठित विशेष जांच दल (एसआईटी) ने निष्पक्ष जांच की और जांच रिपोर्ट में 100 से अधिक गवाहों के बयान शामिल किए गए। उन्होंने यह भी कहा कि मामले में तीन दोषियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई थी।
उन्होंने बताया कि अंकिता भंडारी के पिता के अनुरोध पर मामले की सीबीआई जांच जारी है। सुरजीत कुमार ने कहा कि मामले से जुड़े तथ्यों और जांच की प्रक्रिया का सम्मान किया जाना चाहिए तथा किसी भी व्यक्ति के खिलाफ आरोपों पर निष्कर्ष जांच और कानूनी प्रक्रिया के आधार पर ही निकाला जाना चाहिए।
कांग्रेस पर दलितों की अनदेखी का आरोप
सुरजीत कुमार ने कांग्रेस पर दलित समाज के नेताओं की उपेक्षा करने का आरोप लगाते हुए कहा कि पार्टी ने डॉ. भीमराव आंबेडकर और बाबू जगजीवन राम जैसे नेताओं के साथ उचित व्यवहार नहीं किया। उन्होंने कहा कि दलित समाज के सम्मान और अधिकारों से जुड़े मुद्दों पर कांग्रेस का रवैया सवालों के घेरे में रहा है।
देशव्यापी आंदोलन की चेतावनी
सुरजीत कुमार ने कहा कि दुष्यंत कुमार गौतम के खिलाफ लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी द्वारा दिए गए बयान को वापस नहीं लिया गया, तो शिरोमणि गुरु रविदास विश्व महापीठ देशभर में कांग्रेस के खिलाफ धरना-प्रदर्शन और आंदोलन करेगी।
उन्होंने कहा कि दुष्यंत कुमार गौतम को सिक्किम का राज्यपाल नियुक्त किए जाने के बाद कांग्रेस की ओर से उनके खिलाफ दुष्प्रचार किया जा रहा है। सुरजीत कुमार ने कहा कि दुष्यंत कुमार गौतम एक सम्मानित नेता हैं और उनके सम्मान से जुड़े विषय पर महापीठ देशभर में आवाज उठाएगी।
