तुलसी जन्मभूमि राजापुर में 'तुलसी की पैड़ी' का निर्माण बेहद जरूरी: स्वामी भगवदाचार्य
लखनऊ डेस्क (आर एल पाण्डेय): अयोध्या की 'राम की पैड़ी' और हरिद्वार की 'हरि की पैड़ी' की तर्ज पर अब उत्तर प्रदेश के गोंडा जिले में स्थित गोस्वामी तुलसीदास की जन्मस्थली पर भी 'तुलसी की पैड़ी' का निर्माण कराने की मांग तेज हो गई है।
श्री रामचरितमानस के रचयिता गोस्वामी तुलसीदास जी की पावन जन्मभूमि, तुलसीधाम राजापुर (विकासखंड परसपुर, तहसील करनैलगंज, जनपद गोंडा) के विकास को लेकर 'श्री तुलसी जन्मभूमि न्यास' एवं 'सनातन धर्म परिषद' लगातार प्रयासरत है।
देश-विदेश के पर्यटकों के लिए बनेगा मुख्य आकर्षण
श्री तुलसी जन्मभूमि न्यास और सनातन धर्म परिषद द्वारा इस ऐतिहासिक स्थल का लगातार जीर्णोद्धार और विकास किया जा रहा है। महान संत तुलसीदास जी की जन्मस्थली होने के कारण यहाँ देश ही नहीं, बल्कि विदेशों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु और पर्यटक आते हैं।
संस्थान के अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. स्वामी भगवदाचार्य ने बताया कि यहाँ आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों के आकर्षण को बढ़ाने और जनसुविधाओं को बेहतर करने के लिए 'तुलसी की पैड़ी' का निर्माण समय की मांग है।
मुख्यमंत्री और जल शक्ति मंत्री को सौंपा गया प्रस्ताव
इस महत्वपूर्ण परियोजना को धरातल पर उतारने के लिए डॉ. स्वामी भगवदाचार्य के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और जल शक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह से मुलाकात की।
मुलाकात के दौरान उन्हें एक औपचारिक आवेदन पत्र सौंपा गया, जिसमें सरयू नदी के तट से जोड़ते हुए 'तुलसी की पैड़ी' के निर्माण की स्वीकृति देने का आग्रह किया गया है इस पैड़ी के बनने से तुलसीधाम राजापुर न केवल धार्मिक रूप से बल्कि वैश्विक पर्यटन मानचित्र पर भी एक प्रमुख केंद्र के रूप में उभर सकेगा, जिससे स्थानीय स्तर पर रोजगार और सांस्कृतिक चेतना को बढ़ावा मिलेगा।
