विसंगतियों के आईने में समकालीन यथार्थ : ‘चूं चूं की खोज’ की सार्थक व्यंग्य यात्रा
(डॉ. विभा खरे-विभूति फीचर्स)
वरिष्ठ व्यंग्यकार विवेक रंजन श्रीवास्तव का व्यंग्य लेखन समकालीन समाज, राजनीति और बदलती मानवीय प्रवृत्तियों पर तीखी लेकिन सार्थक टिप्पणी करता है। उनकी रचनाओं की विशेषता केवल विसंगतियों को उजागर करना नहीं, बल्कि उनके पीछे छिपी मानसिकता और सामाजिक संरचना का सूक्ष्म विश्लेषण भी है।
उनकी चर्चित कृति चूं चूं की खोज आज के सामाजिक और राजनीतिक परिदृश्य का ऐसा आईना प्रस्तुत करती है, जिसमें पाठक स्वयं को और अपने आसपास की दुनिया को स्पष्ट रूप से देख सकता है। यह संग्रह 75 समकालीन व्यंग्य रचनाओं का संकलन है, जो हास्य के माध्यम से गहरी सामाजिक चेतना जगाने का कार्य करता है।
‘आठवीं पीढ़ी की व्यवस्था’ जैसे व्यंग्य में लेखक ने राजनीति में बढ़ते वंशवाद और सत्ता संचय की मानसिकता पर करारा प्रहार किया है। वे बड़ी सहजता से दिखाते हैं कि कैसे एक नेता अपनी आने वाली पीढ़ियों के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए सत्ता को पारिवारिक विरासत बना देना चाहता है।
इसी तरह ‘जुगाड़ मतलब टैक्टफुलनेस’ और ‘सेवा का मेवा’ जैसे व्यंग्यों में समाज में फैलती अवसरवादिता और दिखावटी परोपकार पर तीखा कटाक्ष किया गया है। लेखक ने यह दर्शाया है कि आज सेवा और सामाजिक कार्य भी कई बार निजी लाभ और प्रतिष्ठा अर्जित करने का माध्यम बन चुके हैं।
‘डीप फेक है यह दुनिया’ के माध्यम से विवेक रंजन श्रीवास्तव ने आधुनिक तकनीक, सोशल मीडिया और डिजिटल युग की विडंबनाओं को बेहद प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया है। यह व्यंग्य बताता है कि आज वास्तविकता और आभासी छवि के बीच की दूरी लगातार धुंधली होती जा रही है।
लेखक की भाषा सहज, सरल और बोलचाल के मुहावरों से समृद्ध है। वे देसी शब्दावली को आधुनिक प्रबंधन और तकनीकी शब्दों के साथ जोड़कर ऐसा व्यंग्य रचते हैं, जो पाठक को हँसाने के साथ-साथ सोचने पर भी मजबूर करता है। यही उनकी लेखन शैली की सबसे बड़ी ताकत है।
विवेक रंजन के व्यंग्य केवल मनोरंजन तक सीमित नहीं रहते, बल्कि समाज की विकृतियों, राजनीतिक पाखंड और बदलती मानवीय संवेदनाओं पर गंभीर विमर्श भी प्रस्तुत करते हैं। यही कारण है कि चूं चूं की खोज पाठकों के लिए एक संग्रहणीय और विचारोत्तेजक कृति बन जाती है। यह पुस्तक न केवल मनोरंजन करती है, बल्कि पाठक को अपने समय और समाज के प्रति अधिक जागरूक और संवेदनशील भी बनाती है। (विभूति फीचर्स)
