दिल, फेफड़ों और रक्त वाहिकाओं की जटिल सर्जरी में लगातार मिल रही सफलता , रोबोटिक और मिनिमली इनवेसिव तकनीक से मरीजों को मिल रहा बेहतर इलाज
Consistent success in complex surgeries involving the heart, lungs, and blood vessels
Patients receiving superior treatment through robotic and minimally invasive techniques
लखनऊ डेस्क(आर एल पाण्डेय)।मेदांता हॉस्पिटल, लखनऊ ने अपनी स्थापना के बाद से 5,000 कार्डियक सर्जरी पूरी करने का नया रिकॉर्ड बनाया है। यह उत्तर प्रदेश और आसपास के क्षेत्रों में एडवांस कार्डियोवैस्कुलर और थोरेसिक सर्जरी के क्षेत्र में एक बड़ी उपलब्धि है।
नवजात शिशुओं से लेकर 90 वर्ष से अधिक आयु के मरीजों तक, अस्पताल ने दिल, फेफड़ों और रक्त वाहिकाओं से जुड़ी कई जटिल सर्जरी सफलतापूर्वक की हैं। यह उपलब्धि इस बात का प्रमाण है कि मेदांता लखनऊ मरीजों को उनके अपने शहर के करीब विश्वस्तरीय कार्डियक उपचार उपलब्ध करा रहा है, जिससे उन्हें एडवांस इलाज के लिए दूसरे राज्यों में जाने की जरूरत नहीं पड़ती।
मेदांता लखनऊ की कार्डियक टीम ने कार्डियोवैस्कुलर और थोरेसिक सर्जरी की सभी प्रमुख सेवाओं में अपनी मजबूत पहचान बनाई है। अस्पताल में मिनिमली इनवेसिव कार्डियक सर्जरी, रोबोटिक कार्डियक सर्जरी, बच्चों के लिए एडवांस कार्डियक सर्जरी, पहले दिल की सर्जरी करा चुके मरीजों की दोबारा होने वाली जटिल कार्डियक सर्जरी और एडवांस हाइब्रिड एओर्टिक सर्जरी नियमित रूप से की जा रही हैं। अस्पताल अब तक 50 से अधिक सफल रोबोटिक कार्डियक सर्जरी भी कर चुका है, जो एडवांस और कम चीरा लगने वाली कार्डियक सर्जरी में उसकी विशेषज्ञता को दर्शाती हैं। इसके साथ ही अस्पताल ने ऐसे मरीजों की भी सफल सर्जरी की है, जिनकी हालत काफी गंभीर थी या जिनकी सर्जरी को डॉक्टर बहुत चुनौतीपूर्ण मानते हैं।
कोरोनरी आर्टरी बायपास ग्राफ्टिंग (सीएबीजी) में मेदांता लखनऊ की टोटल आर्टेरियल बीटिंग हार्ट बीआईएमए (बाइलेटरल इंटरनल मैमरी आर्टरी) बायपास सर्जरी इसकी सबसे बड़ी विशेषताओं में से एक है। इसमें मरीज के शरीर की अपनी दोनों इंटरनल मैमरी आर्टरी का उपयोग कर धड़कते हुए दिल पर बायपास सर्जरी की जाती है। अस्पताल ने दिल की गंभीर बीमारी और बहुत कम पंपिंग क्षमता वाले मरीजों की भी सफल बायपास सर्जरी की है, जो टीम की विशेषज्ञता और अनुभव को दर्शाती है।
दिल के वाल्व से जुड़ी बीमारियों में जहां संभव हो वॉल्व रिपेयर यानी खराब वॉल्व को बदलने के बजाय उसे ठीक करने को प्राथमिकता दी गई है। जिन मरीजों में वॉल्व बदलना जरूरी था, वहां भी लंबे समय तक अच्छे परिणाम मिले हैं। साथ ही मिनिमली इनवेसिव वॉल्व रिप्लेसमेंट यानी छोटे चीरे से वाल्व बदलने की सर्जरी पर विशेष ध्यान दिया गया है, जिससे मरीजों को जल्दी रिकवरी और कम तकलीफ़ मिलती है।
अस्पताल का थोरेसिक और वैस्कुलर सर्जरी कार्यक्रम भी कार्डियक सेवाओं को मजबूत बनाता है। इसके तहत फेफड़ों, छाती और रक्त वाहिकाओं से जुड़ी बीमारियों का इलाज भी एक ही स्थान पर उपलब्ध है, जिससे मरीजों को अलग-अलग अस्पतालों के चक्कर नहीं लगाने पड़ते।
डॉ. गौरांग मजूमदार, डायरेक्टर, कार्डियक सर्जरी, मेदांता हॉस्पिटल, ने कहा, "5,000 कार्डियक सर्जरी का यह रिकॉर्ड हजारों मरीजों के स्वस्थ जीवन की नई शुरुआत का उदाहरण है। हर सफल सर्जरी के साथ हमने एक मरीज का भरोसा जीता और एक परिवार के चेहरे पर मुस्कान लौटाने की कोशिश की है। हमारी टीम 50 से अधिक रोबोटिक कार्डियक सर्जरी भी सफलतापूर्वक कर चुकी है, जो इस क्षेत्र में सबसे आधुनिक तकनीक मरीजों तक पहुंचाने की हमारी प्रतिबद्धता को दर्शाती है। रोबोटिक और मिनिमली इनवेसिव सर्जरी जैसी आधुनिक तकनीकों को अपनाते हुए, पहले सर्जरी करा चुके मरीजों की दोबारा होने वाली जटिल सर्जरी और गंभीर मामलों में भी बेहतरीन परिणाम देना हमारी प्राथमिकता रही है। हम लखनऊ में ही विश्वस्तरीय कार्डियक उपचार उपलब्ध कराने के लिए लगातार प्रयासरत हैं।"
यह उपलब्धि मेदांता लखनऊ के उस लक्ष्य को दर्शाती है, जिसके तहत अस्पताल उच्च गुणवत्ता वाली कार्डियोवैस्कुलर और थोरेसिक सर्जरी की पूरी सुविधा उपलब्ध करा रहा है, ताकि उत्तर प्रदेश और अन्य राज्यों के मरीजों को एडवांस इलाज के लिए कहीं और न जाना पड़े।
मेदांता हॉस्पिटल, लखनऊ आधुनिक तकनीक, अनुभवी विशेषज्ञों और विभिन्न विशेषज्ञताओं वाले डॉक्टरों की संयुक्त टीम के साथ लगातार बेहतर इलाज उपलब्ध करा रहा है, ताकि मरीजों को विश्वस्तरीय उपचार और बेहतर परिणाम मिल सकें।
