महंत परमेश्वर दास के उत्तराधिकार को लेकर विवाद तेज, अरविंद प्रताप सिंह ने उठाए दस्तावेजों की वैधता पर सवाल

Dispute over Mahant Parmeshwar Das's succession intensifies; Arvind Pratap Singh questions the validity of the documents.
 
ew

लखनऊ। महंत परमेश्वर दास की चेलाई और महंती के उत्तराधिकार को लेकर विवाद गहराता नजर आ रहा है। इस मामले में अरविंद प्रताप सिंह ने शुक्रवार को लखनऊ प्रेस क्लब में प्रेस वार्ता कर धर्मेन्द्र दास उर्फ धर्मेन्द्र राम के महंती पर दावे और संबंधित दस्तावेजों की वैधता पर सवाल उठाए। उन्होंने पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराए जाने की मांग की।

प्रेस वार्ता के दौरान अरविंद प्रताप सिंह ने दावा किया कि महंत परमेश्वर दास ने वर्ष 2011 में धर्मेन्द्र दास को अपना चेला बनाया था, लेकिन बाद में संबंधित डीड निरस्त करा दी गई थी। उनके अनुसार, महंत परमेश्वर दास ने उच्च न्यायालय में दाखिल हलफनामे में भी धर्मेन्द्र दास को चेलाई से हटाए जाने का उल्लेख किया था।

अरविंद प्रताप सिंह ने आगे बताया कि 24 सितंबर 2019 को महंत परमेश्वर दास ने उन्हें अपना चेला बनाया था। उन्होंने यह भी दावा किया कि इसी क्रम में उनके पक्ष में पावर ऑफ अटॉर्नी और वसीयत का पंजीकरण कराया गया था।

राजस्व अभिलेखों और न्यायालयों में लंबित मामलों का किया उल्लेख

अरविंद प्रताप सिंह ने अपने पक्ष में राजस्व अभिलेखों, संस्था की सदस्यता सूची और विभिन्न न्यायालयों में लंबित मामलों का हवाला दिया। उन्होंने संबंधित दस्तावेजों की प्रामाणिकता की जांच कराने पर जोर देते हुए कहा कि महंती के उत्तराधिकार से जुड़े विवाद का निस्तारण निर्धारित नियमों और कानूनी प्रक्रिया के अनुसार किया जाना चाहिए।

उन्होंने मांग की कि मामले से जुड़े सभी दस्तावेजों और दावों की निष्पक्ष जांच कर वास्तविक स्थिति स्पष्ट की जाए, ताकि उत्तराधिकार विवाद का समाधान नियमानुसार हो सके। फिलहाल, प्रेस वार्ता में लगाए गए आरोपों और प्रस्तुत किए गए दावों की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध जानकारी के आधार पर नहीं हो सकी है। मामले में दूसरे पक्ष का बयान सामने आने पर विवाद की स्थिति पर अधिक स्पष्टता मिल सकेगी।

Tags