यूपी विधान परिषद की 11 सीटों पर मतगणना जारी, मेरठ-बरेली में भाजपा का दबदबा; वाराणसी में सपा को जीत
Vote counting underway for 11 UP Legislative Council seats; BJP holds sway in Meerut-Bareilly, while SP secures victory in Varanasi.
लखनऊ। उत्तर प्रदेश विधान परिषद की 11 सीटों पर हुए चुनाव के बाद मतगणना जारी है। शुरुआती रुझानों और सामने आई जानकारी के मुताबिक, कई सीटों पर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) का दबदबा दिखाई दिया, जबकि कुछ क्षेत्रों में समाजवादी पार्टी (सपा) ने कड़ी चुनौती पेश की। मेरठ और बरेली खंड में भाजपा ने मजबूत प्रदर्शन किया, वहीं वाराणसी शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में सपा प्रत्याशी ने जीत दर्ज की।
मतगणना के लिए लखनऊ, वाराणसी, आगरा, मेरठ, झांसी, बरेली और गोरखपुर में केंद्र बनाए गए हैं। सभी केंद्रों पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। निर्वाचन आयोग के निर्देशों के अनुसार, मतगणना की प्रक्रिया प्रेक्षकों और रिटर्निंग अधिकारियों की निगरानी में संपन्न कराई जा रही है। पारदर्शिता बनाए रखने के लिए सीसीटीवी कैमरों और वीडियोग्राफी की व्यवस्था भी की गई है।
सात जिलों में बनाए गए मतगणना केंद्र
राजधानी लखनऊ में स्नातक और शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों के मतों की गिनती रमाबाई रैली स्थल पर निर्धारित अलग-अलग हॉल में की जा रही है। वहीं, वाराणसी में स्टेट वेयरहाउस कॉरपोरेशन, आगरा में नवीन कृषि उत्पादन मंडी समिति, मेरठ में सरदार वल्लभभाई पटेल कृषि विश्वविद्यालय, झांसी में बुंदेलखंड डिग्री कॉलेज, बरेली में संजय कम्युनिटी हॉल और गोरखपुर में पंडित दीनदयाल उपाध्याय विश्वविद्यालय को मतगणना केंद्र बनाया गया है।
शाम तक तस्वीर साफ होने की उम्मीद
मतगणना को शांतिपूर्ण ढंग से पूरा कराने के लिए प्रशासन सतर्क है। प्रत्याशियों और राजनीतिक दलों की निगाहें चुनाव परिणामों पर टिकी हैं। मतगणना पूरी होने के बाद शाम तक कई सीटों की स्थिति स्पष्ट होने की उम्मीद जताई जा रही है।
भाजपा, सपा और निर्दलीय सदस्यों के लिए अहम चुनाव
विधान परिषद की इन 11 सीटों पर मौजूदा सदस्यों का कार्यकाल 6 दिसंबर तक है। वर्तमान में इन सीटों में से छह पर भाजपा, तीन पर समाजवादी पार्टी और दो पर निर्दलीय सदस्यों का कब्जा है। ऐसे में चुनाव परिणामों को तीनों पक्षों के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। मतगणना के अंतिम नतीजों से ही स्पष्ट होगा कि किस दल को कितनी सीटों पर सफलता मिलती है और विधान परिषद में उसका प्रभाव किस हद तक बढ़ता है।
