जीएसटी नियमों को सरल बनाने के लिए राज्य कर विभाग और व्यापारियों के बीच अहम बैठक, ई-वे बिल के नए नियमों पर जताई आपत्ति
लखनऊ डेस्क: राजधानी लखनऊ के लाटूश रोड स्थित लखनऊ व्यापार मंडल भवन में राज्य कर विभाग और स्थानीय व्यापारियों के बीच एक महत्वपूर्ण संवाद कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य वस्तु एवं सेवा कर (GST) पंजीयन व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़, पारदर्शी और सरल बनाना था।
कार्यक्रम में राज्य कर विभाग के खंड-3, खंड-4, खंड-5 और खंड-7 के उच्चाधिकारियों ने शिरकत की। अधिकारियों ने व्यापारियों को जीएसटी रजिस्ट्रेशन के दीर्घकालिक लाभों और देश की अर्थव्यवस्था में इसके महत्व की विस्तृत जानकारी दी, साथ ही टैक्स संबंधी उनकी विभिन्न जिज्ञासाओं और शंकाओं का मौके पर ही समाधान किया।
"व्यावहारिक नहीं है ई-वे बिल कैंसिलेशन की नई व्यवस्था" — अमरनाथ मिश्र
संवाद कार्यक्रम के दौरान व्यापारियों की ओर से लखनऊ व्यापार मंडल के अध्यक्ष अमरनाथ मिश्र ने कई गंभीर और व्यावहारिक समस्याओं को प्रमुखता से उठाया।
मुख्य आपत्तियां:
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समय सीमा की चुनौती: उन्होंने हाल ही में जीएसटी विभाग द्वारा लागू की गई ई-वे बिल निरस्तीकरण (कैंसिलेशन) संबंधी नई व्यवस्था पर कड़ा विरोध दर्ज कराया। उन्होंने कहा कि यह नियम व्यापारियों के लिए व्यावहारिक नहीं है।
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अनावश्यक कठिनाइयां: ई-वे बिल की एक निश्चित समय सीमा पहले से तय होती है। यदि परिवहन (ट्रांसपोर्टेशन) के दौरान जाम, गाड़ी खराब होने या किसी अन्य तकनीकी कारण से उसकी वैधता खत्म हो जाती है, तो व्यापारियों को दोबारा ई-वे बिल जनरेट करना पड़ता है। इससे व्यापारिक कार्यों में अनावश्यक देरी और परेशानियां खड़ी हो रही हैं।
कर विभाग के इन आला अधिकारियों की रही मौजूदगी
व्यापारियों के साथ इस सकारात्मक चर्चा को आगे बढ़ाने और उनकी समस्याओं को सुनने के लिए कर विभाग के कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे, जिनमें मुख्य रूप से शामिल हैं:
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उदय प्रताप सिंह (ज्वाइंट कमिश्नर, रेंज-ए, लखनऊ)
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राखी सिंह (उपायुक्त, खंड-4)
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अनिल कुमार (खंड-5)
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पूनम गुप्ता (खंड-6)
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प्रमोद विश्वकर्मा (खंड-3)
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अनुपमा सिंह (असिस्टेंट कमिश्नर)
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संजय सिंह एवं रवि भूषण (राज्य कर अधिकारी)
सैकड़ों प्रमुख व्यापारियों ने दर्ज कराई उपस्थिति
इस संवाद सत्र में लखनऊ के व्यापारिक जगत की कई जानी-मानी हस्तियों और पदाधिकारियों ने हिस्सा लिया। लखनऊ व्यापार मंडल के अध्यक्ष अमरनाथ मिश्र के नेतृत्व में सतीश अग्रवाल, राजेंद्र अग्रवाल, भारत भूषण गुप्ता, अनिल वरमानी, पवन मनोचा, देवेंद्र गुप्ता, अनुराग मिश्र, जितेंद्र सिंह चौहान, सुहैल हैदर अल्वी, अरविंद पाठक, नितिन जैन, मनीष गुप्ता और कुश मिश्र सहित सैकड़ों छोटे-बड़े व्यापारी इस चर्चा का हिस्सा बने कार्यक्रम के समापन पर अधिकारियों और व्यापारिक प्रतिनिधियों के बीच विभिन्न जटिल कर संबंधी विषयों पर सकारात्मक सहमति बनी। दोनों पक्षों ने इस बात पर विशेष बल दिया कि भविष्य में भी व्यापारिक हितों और राजस्व दोनों की सुरक्षा के लिए आपसी सहयोग, संवाद और समन्वय का यह सिलसिला लगातार जारी रखा जाएगा।
