इन्वेस्टमेंट फ्रॉड से बचाव को साइबर विशेषज्ञों ने किया जागरूक
बाराबंकी। निवेश के नाम पर बढ़ती साइबर ठगी को लेकर व्यापारियों को जागरूक करने के उद्देश्य से उत्तर प्रदेश आदर्श व्यापार मंडल के तत्वावधान में गल्ला मंडी परिसर में साइबर जागरूकता कार्यशाला आयोजित की गई। निवेश सुरक्षा जागरूकता अभियान के तहत आयोजित कार्यक्रम में साइबर विशेषज्ञों ने व्यापारियों को ऑनलाइन और ऑफलाइन इन्वेस्टमेंट फ्रॉड की पहचान, उससे बचाव और सुरक्षित निवेश के उपायों की जानकारी दी।
कार्यशाला में साइबर एक्सपर्ट उपनिरीक्षक इफलाक अहमद, आरक्षी राजन यादव और आरक्षी दुर्गेश यादव ने व्यापारियों को निवेश के नाम पर होने वाली ठगी के विभिन्न तरीकों के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने कहा कि साइबर अपराधी फर्जी व्हाट्सऐप और टेलीग्राम ग्रुप, नकली ट्रेडिंग एप, डीपफेक वीडियो तथा रकम निकासी के नाम पर अतिरिक्त भुगतान जैसी तरकीबों का इस्तेमाल कर लोगों को अपने जाल में फंसाते हैं।
साइबर एक्सपर्ट आरक्षी राजन यादव ने कहा कि ठग अक्सर कम समय में अत्यधिक मुनाफे या बिना जोखिम के निश्चित रिटर्न का लालच देकर निवेश के लिए प्रेरित करते हैं। ऐसे किसी भी ऑफर पर तुरंत भरोसा नहीं करना चाहिए। उन्होंने व्यापारियों से संदिग्ध ट्रेडिंग एप और सोशल मीडिया ग्रुप से दूर रहने तथा निवेश करने से पहले संबंधित प्लेटफॉर्म की विश्वसनीयता और पंजीकरण की जांच करने की अपील की।
उन्होंने कहा कि यदि किसी निवेश योजना में रिटर्न सामान्य से बहुत अधिक दिखाई दे रहा है तो विशेष रूप से सतर्क रहने की जरूरत है। किसी अनजान व्यक्ति, लिंक या एप के माध्यम से निवेश करने से पहले उसके क्रेडेंशियल्स की जांच अवश्य करनी चाहिए।
व्यापारियों ने पूछे सवाल
कार्यशाला के दौरान व्यापारियों ने साइबर विशेषज्ञों से व्हाट्सऐप, टेलीग्राम ग्रुप, फर्जी ट्रेडिंग एप और ऑनलाइन निवेश योजनाओं से जुड़े सवाल पूछे। विशेषज्ञों ने उनके सवालों का जवाब देते हुए सोशल मीडिया पर मिलने वाले निवेश संबंधी टिप्स को बिना सत्यापन के स्वीकार न करने, गारंटीड रिटर्न के दावों से सावधान रहने और किसी भी निवेश प्लेटफॉर्म की वैधता की पुष्टि करने की सलाह दी।
आरक्षी दुर्गेश यादव ने व्यापारियों को चेताया कि सोशल मीडिया, व्हाट्सऐप अथवा टेलीग्राम ग्रुप के जरिए कम समय में पैसा दोगुना करने या भारी मुनाफे का लालच देने वाली योजनाओं से सावधान रहें। उन्होंने कहा कि किसी भी अनजान एप, लिंक या व्यक्ति के झांसे में आने से बचें और निवेश से पहले प्लेटफॉर्म का पंजीकरण तथा वैधता अवश्य जांचें।
साइबर ठगी होने की स्थिति में तत्काल साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर संपर्क करने, नजदीकी पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराने तथा राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल के माध्यम से शिकायत करने की जानकारी भी व्यापारियों को दी गई।
कार्यशाला के बाद साइबर सेल की टीम ने व्यापारियों के प्रतिष्ठानों पर साइबर अपराध से बचाव संबंधी जागरूकता पंपलेट भी चस्पा किए।
इस अवसर पर उत्तर प्रदेश आदर्श व्यापार मंडल के प्रदेश उपाध्यक्ष एवं जिलाध्यक्ष राजीव गुप्ता बब्बी, महेश जायसवाल, अतुल निगम, मो. सलमान सल्लू, हिमांशु गुप्ता, आशू गुप्ता, विजय गुप्ता, आदित्य प्रताप सिंह, रितुराज, सौरभ गुप्ता, दीपू, उमेश गुप्ता, अमित गुप्ता, संजय निगम, नवीन गुप्ता, रईस अंसारी, संतकुमार, राम किशन गुप्ता, इमरान सोनू, आलोक जायसवाल, महबूब अंसारी, सरताज अंसारी, जावेद अंसारी, रमाशंकर गुप्ता, राजेश चौबे, मोहित सैनी, इस्लाम अंसारी, जबीरउद्दीन अंसारी, राजेश गुप्ता सहित बड़ी संख्या में व्यापारी मौजूद रहे।
