लखनऊ में साइबर सुरक्षा जागरूकता कार्यशाला: सिविल डिफेंस के वार्डेनों को सिखाए गए ऑनलाइन फ्रॉड से बचाव के गुर
लखनऊ डेस्क: देश और समाज में तेजी से बढ़ते डिजिटल अपराधों पर लगाम लगाने के लिए लखनऊ की साइबर क्राइम सेल (कानून प्रवर्तन एजेंसी) ने एक बड़ी पहल की है। कैसरबाग स्थित इंडियन रेडक्रॉस सोसाइटी के सभागार में सिविल डिफेंस के स्वयंसेवकों और वार्डेनों के लिए एक विशेष 'साइबर सुरक्षा जागरूकता कार्यक्रम' का आयोजन किया गया।
इस कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य सिविल डिफेंस की टीम को साइबर अपराधों के प्रति इस कदर प्रशिक्षित करना है ताकि वे समाज के हर वर्ग को जागरूक कर सकें।
आईपीएस किरण यादव ने दिए साइबर हमलों से बचने के टिप्स
इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में साइबर क्राइम की एडीसीपी किरण यादव (IPS) उपस्थित रहीं। उन्होंने कार्यशाला में मौजूद लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि आज के दौर में जन-जन तक साइबर सुरक्षा की जानकारी पहुंचाना बेहद जरूरी हो गया है।
कार्यशाला के दौरान विशेषज्ञों ने मुख्य रूप से निम्नलिखित गंभीर विषयों पर चर्चा की और बचाव के प्रभावी तरीके साझा किए:
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वित्तीय धोखाधड़ी (Financial Fraud): बैंक खातों और डिजिटल वॉलेट से होने वाले ऑनलाइन फ्रॉड से कैसे सुरक्षित रहें।
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डिजिटल प्रतिरूपण (Digital Impersonation): इंटरनेट पर पहचान चुराकर (फर्जी प्रोफाइल बनाकर) होने वाली ठगी से बचाव के उपाय।
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साइबर हमले: आये दिन होने वाले रैनसमवेयर और वायरस अटैक की पहचान व सुरक्षा।
इन वरिष्ठ अधिकारियों और गणमान्य लोगों की रही उपस्थिति
यह कार्यक्रम सिविल डिफेंस के चीफ वार्डेन अमरनाथ मिश्रा, स्टाफ ऑफिसर ऋतुराज रस्तोगी और वरिष्ठ सहायक उपनियंत्रक मनोज वर्मा की विशिष्ट गरिमामयी उपस्थिति व मार्गदर्शन में संपन्न हुआ।
विभाग के विशेषज्ञ और सुरक्षाकर्मी: साइबर सेल की ओर से सब इंस्पेक्टर आदिल सईद हसन और हेड कांस्टेबल गौरव शुक्ला ने वार्डेनों को तकनीकी बारीकियों और कानूनी पहलुओं से रूबरू कराया।
बड़ी संख्या में जुटे सिविल डिफेंस के पदाधिकारी
इस जन-जागरूकता अभियान और कार्यशाला को सफल बनाने के लिए सिविल डिफेंस के कई प्रभागों के अधिकारी और वालंटियर्स भारी संख्या में पहुंचे, जिनमें मुख्य रूप से शामिल हैं:
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डिविजनल वार्डेन: संजय जौहर, नफीस अहमद, सुनील कुमार तिवारी, दिनेश माथुर और आशीष कपूर।
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डिप्टी डिविजनल वार्डेन: रामगोपाल सिंह, राजेंद्र श्रीवास्तव, मुशीर अहमद, डॉ. पंकज, गुफरान अहमद, राजेंद्र प्रसाद और सुनील कर्मचंदानी।
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स्टाफ ऑफिसर व अन्य: सुमित साहू, ज्योति खरे, अरविंद मिश्रा (आईसीओ) सहित कई पोस्ट वार्डेन, सेक्टर वार्डेन और फायर फाइटर्स।
कार्यशाला का संकल्प: कार्यक्रम के समापन पर उपस्थित सभी अधिकारियों और स्वयंसेवकों ने मिलकर यह संकल्प लिया कि वे इस साइबर सुरक्षा ज्ञान को केवल खुद तक सीमित नहीं रखेंगे, बल्कि अपने-अपने क्षेत्रों में जाकर आम जनता के बीच जागरूकता बढ़ाएंगे ताकि डिजिटल इंडिया को और सुरक्षित बनाया जा सके।
