डाबर च्यवनप्राश ने बच्चों की प्रतिरक्षा बढ़ाने के लिए मेगा जागरूकता अभियान शुरू किया

Dabur Chyawanprash launches mega awareness campaign to boost immunity of children
 
डाबर च्यवनप्राश ने बच्चों की प्रतिरक्षा बढ़ाने के लिए मेगा जागरूकता अभियान शुरू किया
लखनऊ।  डाबर का प्रमुख हेल्थकेयर ब्रांड डाबर च्यवनप्राश ने देशभर में स्वास्थ्य सुविधाओं से वंचित बच्चों को सुरक्षित रखने के उद्देश्य से एक मेगा जागरूकता पहल की शुरुआत की है। इस अभियान के तहत, विशेषज्ञ डॉक्टरों के सहयोग से बच्चों को बदलते मौसम, सामान्य बैक्टीरिया और वायरस से लड़ने के लिए मजबूत प्रतिरक्षा प्रणाली के महत्व के बारे में शिक्षित किया जा रहा है।

इस पहल की शुरुआत लखनऊ में राम किशोर कॉन्वेंट इंटर कॉलेज में आयोजित एक विशेष प्रतिरक्षा सत्र के साथ की गई, जिसमें 250 से अधिक बच्चों ने भाग लिया। कार्यक्रम में डाबर इंडिया लिमिटेड के कॉरपोरेट कम्युनिकेशंस मैनेजर दिनेश कुमार, कॉलेज के प्रबंधक जी.पी. शुक्ला, प्रधानाचार्या श्रीमती बीना त्रिपाठी सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

op'po

इस सत्र का मुख्य उद्देश्य सर्दियों के मौसम में होने वाली बीमारियों से बचाव को लेकर बच्चों में जागरूकता पैदा करना था। बच्चों को बुनियादी स्वच्छता, संतुलित और पौष्टिक आहार तथा दैनिक जीवन में अपनाए जाने वाले सरल उपायों के माध्यम से प्रतिरक्षा को मजबूत करने की जानकारी दी गई।

इस अवसर पर डाबर इंडिया लिमिटेड के डायरेक्टर (हेल्थकेयर) श्रीराम पद्मनाभन ने कहा,डाबर च्यवनप्राश पिछले 100 वर्षों से हर भारतीय को मजबूत प्रतिरक्षा प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है। यह पहल उसी प्रतिबद्धता का विस्तार है। हर वर्ष शीत लहर कई जानें ले लेती है। इस अभियान के माध्यम से हम वंचित बच्चों को च्यवनप्राश उपलब्ध कराने के साथ-साथ प्रतिरक्षा के महत्व के प्रति जागरूक कर उन्हें सुरक्षित रखने का प्रयास कर रहे हैं।

कार्यक्रम में उपस्थित चिकित्सक डॉ. नितिन ने बताया कि मौसम परिवर्तन के दौरान तापमान में अचानक बदलाव के कारण सर्दी, खांसी, फ्लू और श्वसन संबंधी संक्रमण बढ़ जाते हैं। उन्होंने कहा कि ऐसी बीमारियों से लड़ने का सबसे प्रभावी तरीका प्रतिरक्षा को मजबूत बनाना है और डाबर च्यवनप्राश शरीर की आंतरिक प्रतिरक्षा आवश्यकताओं को पूरा करने का एक प्रभावी समाधान है।

इस अभियान के अंतर्गत डाबर च्यवनप्राश ने देश के 21 शहरों—आगरा, वाराणसी, लखनऊ, कानपुर, उदयपुर, जयपुर, भुवनेश्वर, कोलकाता, सिलीगुड़ी, पटना, इंदौर, भोपाल, रायपुर, पुणे, औरंगाबाद, हैदराबाद, मैसूर, मुंबई, नागपुर, ग्वालियर और चंडीगढ़—में अग्रणी गैर-सरकारी संगठनों के साथ साझेदारी की है।

लगभग 3000 वर्ष पुरानी आयुर्वेदिक फॉर्मूलेशन पर आधारित च्यवनप्राश प्रतिरक्षा बढ़ाने के लिए जाना जाता है। इसका मुख्य घटक आंवला है, जो अपने प्रतिरक्षा-वर्धक गुणों के लिए प्रसिद्ध है। इसके अलावा गुडुची, पिप्पली, शतावरी, विदरिकंद, हरितकी, कंटकारी, भूम्यामलकी, वसाका सहित कई जड़ी-बूटियाँ सामान्य संक्रमण और श्वसन संबंधी समस्याओं से बचाव में सहायक हैं। इन सभी तत्वों का संतुलित मिश्रण सर्दियों में बेहतर स्वास्थ्य और मजबूत प्रतिरक्षा प्रदान करता है।

Tags