मंडल स्तरीय कला उत्सव 2026 की तिथि और स्थल घोषित, छह जिलों के विजेता विद्यार्थी लेंगे हिस्सा
लखनऊ। स्कूल शिक्षा और साक्षरता विभाग, शिक्षा मंत्रालय भारत सरकार के संरक्षण तथा समग्र शिक्षा माध्यमिक के निर्देशन में आयोजित होने वाले मंडल स्तरीय कला उत्सव की तैयारियां शुरू हो गई हैं। लखनऊ मंडल के छह जिलों के जनपद स्तरीय कला उत्सव में विजेता रहे विद्यार्थी इस प्रतियोगिता में अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करेंगे।
संयुक्त शिक्षा निदेशक लखनऊ मंडल डॉ. प्रदीप कुमार सिंह ने बताया कि कला उत्सव का मुख्य उद्देश्य लखनऊ मंडल के विभिन्न जिलों से उत्कृष्ट प्रतिभा रखने वाले कलाकार विद्यार्थियों का चयन करना और उन्हें अपनी कला का प्रदर्शन करने के लिए बेहतर मंच उपलब्ध कराना है।
28 सितंबर को होगा मंडलीय कला उत्सव
मंडलीय विज्ञान प्रगति अधिकारी डॉ. दिनेश कुमार ने बताया कि इस वर्ष कला उत्सव की विषयवस्तु “विकसित भारत-वर्ष 2047 के भारत की परिकल्पना” रखी गई है।प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार मंडल स्तरीय कला उत्सव का आयोजन 28 सितंबर 2025, सोमवार को पायनियर मांटेसरी इंटर कॉलेज, एल्डिको उद्यान-1, बंगला बाजार, लखनऊ में सुबह 9:30 बजे से किया जाएगा। 2025 की तिथि को 2026 आयोजन के संदर्भ में प्रकाशित करने से पहले संबंधित विभाग से पुष्टि आवश्यक है।
छह जिलों के विजेता विद्यार्थी होंगे शामिल
डॉ. प्रदीप कुमार सिंह ने बताया कि लखनऊ मंडल के सभी छह जिलों—हरदोई, उन्नाव, सीतापुर, लखनऊ, रायबरेली और लखीमपुर खीरी—के जनपद स्तरीय कला उत्सव के परिणाम प्राप्त हो चुके हैं।
सभी जिला विद्यालय निरीक्षकों को निर्देश दिए गए हैं कि जनपद स्तर पर चयनित विजेता विद्यार्थियों को मंडलीय कला उत्सव में निर्धारित समय पर प्रतिभाग कराना सुनिश्चित करें।
12 विधाओं में होगा प्रतिभा का प्रदर्शन
मंडलीय विज्ञान प्रगति अधिकारी डॉ. दिनेश कुमार ने बताया कि इस बार कला उत्सव में कुल 12 विधाओं को शामिल किया गया है। इनमें संगीत, नृत्य, नाटक, दृश्य कला और पारंपरिक कहानी वाचन जैसी विधाओं में विद्यार्थी अपनी प्रतिभा प्रस्तुत करेंगे।
कला उत्सव की 12 प्रतियोगिताएं
- संगीत गायन एकल – शास्त्रीय
- संगीत गायन समूह – अधिकतम 4 विद्यार्थी
- संगीत वादन एकल – स्वर वाद्य, शास्त्रीय
- संगीत वादन एकल – ताल वाद्य, शास्त्रीय
- संगीत वादन समूह – शास्त्रीय, अधिकतम 4 विद्यार्थी
- नृत्य एकल – शास्त्रीय
- नृत्य समूह – लोक, अधिकतम 4 विद्यार्थी
- नाटक समूह – लघु नाटिका, अधिकतम 4 विद्यार्थी
- दृश्य कला एकल द्वि-आयामी – चित्रकला
- दृश्य कला एकल त्रि-आयामी – मूर्तिकला
- दृश्य कला समूह – स्थानीय शिल्प, अधिकतम 2 विद्यार्थी
- पारंपरिक कहानी वाचन समूह – 2 विद्यार्थी; प्रतिभागी कहानी वाचन में एक या एक से अधिक कला स्वरूपों का प्रयोग कर सकेंगे।
प्रतियोगिताओं की विधाओं में किए गए बदलाव
मंडलीय कला उत्सव की नोडल अधिकारी आकांक्षा पाठक ने बताया कि इस वर्ष प्रतियोगिता की 12 विधाओं के प्रस्तुतिकरण में कुछ बदलाव किए गए हैं। इन बदलावों की जानकारी लखनऊ मंडल के सभी संबंधित जनपदों को उपलब्ध करा दी गई है, ताकि विद्यार्थी निर्धारित नियमों के अनुरूप अपनी प्रस्तुतियां तैयार कर सकें।
विद्यार्थियों को मिलेगा प्रतिभा प्रदर्शन का मंच
कला उत्सव के माध्यम से विभिन्न जिलों के विद्यार्थियों को अपनी रचनात्मक प्रतिभा प्रदर्शित करने का अवसर मिलेगा। संगीत, नृत्य, नाटक, चित्रकला, मूर्तिकला, स्थानीय शिल्प और कहानी वाचन जैसी विधाओं को शामिल किए जाने से विद्यार्थियों की कलात्मक एवं सृजनात्मक क्षमताओं को प्रोत्साहन मिलेगा।
अधिकारियों के अनुसार, मंडल स्तर पर चयनित प्रतिभाओं को आगे भी बेहतर अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में कला उत्सव महत्वपूर्ण मंच साबित हो सकता है।
