श्रीमद्भागवत कथा के शुभारंभ पर भक्तिमय हुआ डीएवी कॉलेज परिसर, पुंडरीक गोस्वामी ने सुनाया भागवत महापुराण का माहात्म्य

श्री राधारमण सेवा समिति की ओर से 10 अक्टूबर तक कथा का आयोजन, उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने लिया कथा का श्रवण
 
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लखनऊ। श्री राधारमण सेवा समिति के तत्वावधान में 4 से 10 अक्टूबर 2026 तक डी.ए.वी. कॉलेज, पं. रास बिहारी तिवारी मार्ग, ऐशबाग में आयोजित श्रीमद्भागवत राधारमण कथा का शुभारंभ भक्तिमय वातावरण में हुआ। कथा का वाचन वृंदावन धाम के परम पूज्य श्री पुंडरीक गोस्वामी जी महाराज द्वारा किया जा रहा है।

कथा के शुभारंभ से पहले विधिवत सुंदरकांड पाठ किया गया। इसके बाद कथा स्थल पर श्री पुंडरीक गोस्वामी जी महाराज के पहुंचने पर श्रद्धालुओं ने भावपूर्ण स्वागत एवं अभिनंदन किया। उनके पहुंचते ही परिसर में भक्तिमय वातावरण बन गया और बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने कथा में भाग लिया।

जयकारों और संकीर्तन के साथ हुआ कथा का शुभारंभ

श्रीमद्भागवत कथा का शुभारंभ श्री राधारमण लाल जी के जयकारों, शंखनाद और ‘हरे कृष्ण, हरे कृष्ण, हरे राम, हरे राम’ संकीर्तन के साथ हुआ। अयोध्या धाम स्थित रामजानकी मंदिर से पधारे कौशल दास जी महाराज ने श्रद्धालुओं के साथ भक्ति संकीर्तन कराया और उन्हें आशीर्वाद दिया।

कार्यक्रम में मुख्य आयोजक एवं यजमान उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री श्री ब्रजेश पाठक भी मौजूद रहे। उनका स्वागत किया गया। उन्होंने श्रद्धापूर्वक श्रीमद्भागवत कथा का श्रवण किया।

भागवत महापुराण के माहात्म्य का वर्णन

कथा के पहले दिन श्रीमद्भागवत महापुराण के माहात्म्य का विस्तार से वर्णन किया गया। श्री पुंडरीक गोस्वामी जी महाराज ने श्रद्धालुओं को भागवत महापुराण के आध्यात्मिक महत्व के बारे में बताया तथा भगवान श्रीकृष्ण की भक्ति, प्रेम और समर्पण का संदेश दिया।

आयोजक अमरनाथ मिश्र ने बताया कि आश्विन मास के पितृपक्ष के अवसर पर इस कथा का आयोजन यजमानों के दिवंगत पितरों एवं पूर्वजों की आत्मिक शांति, तृप्ति और मोक्ष की कामना के लिए किया गया है। उन्होंने कहा कि पितृपक्ष के दौरान श्रद्धालु अपने पितरों के निमित्त धार्मिक अनुष्ठान और कथा श्रवण कर रहे हैं।

आयोजन में श्रद्धालुओं और स्वयंसेवकों का सहयोग

कथा आयोजन में आयोजक एवं यजमान राजेंद्र कुमार अग्रवाल, लोकेश अग्रवाल, अनिल कुमार अग्रवाल, मुन्ना भइया, रोहित अग्रवाल, अमित अग्रवाल, समीर मित्तल, नवीन गुप्ता, अनुराग मिश्रा, आनंद रस्तोगी, शिवम अग्रवाल, आर.एन. सिंह, सुनील कुमार मिश्रा, मनोज राय, कुश मिश्रा और दिव्यांशु शुक्ला (हनी) सहित अनेक श्रद्धालुओं का सहयोग रहा।

इसके अलावा सिविल डिफेंस के स्वयंसेवक भी आयोजन की व्यवस्थाओं में जुटे रहे। उन्होंने श्रद्धालुओं के आवागमन, बैठने, सुरक्षा और अन्य व्यवस्थाओं को सुचारु बनाए रखने में सहयोग किया।

आयोजक अमरनाथ मिश्र ने कहा कि कथा के माध्यम से राधा-कृष्ण की भक्ति, प्रेम, करुणा और सनातन संस्कृति के आध्यात्मिक संदेश को लोगों तक पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने श्रद्धालुओं से सपरिवार कथा में शामिल होने और श्री राधारमण लाल जी की भक्ति में सहभागी बनने का आह्वान किया।

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