DDU-GKY UP News: उत्तर प्रदेश के सभी आवासीय प्रशिक्षण केंद्रों के लिए वार्षिक कैलेंडर जारी, लापरवाही करने वाली संस्थाओं पर होगी सख्त कार्रवाई
UP Skill Development Updates: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार ग्रामीण युवाओं को न केवल तकनीकी रूप से दक्ष बना रही है, बल्कि उन्हें आधुनिक कॉर्पोरेट जगत की मांगों के अनुसार आत्मविश्वासी और कुशल लीडर के रूप में भी तैयार कर रही है। इसी कड़ी में उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन (UPSDM) ने दीन दयाल उपाध्याय ग्रामीण कौशल्य योजना (DDU-GKY) के तहत राज्य में चल रहे सभी आवासीय प्रशिक्षण केंद्रों के लिए वर्षभर की सह-पाठ्यक्रम गतिविधियों (Co-curricular activities) का एक विस्तृत कैलेंडर जारी किया है।
मिशन ने साफ किया है कि सभी परियोजना क्रियान्वयन संस्थाओं (PIA) के लिए इन नियमों और गतिविधियों का पालन करना अनिवार्य होगा। किसी भी प्रकार की लापरवाही या ढिलाई बरतने वाले संस्थानों के खिलाफ सख्त दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।
सिर्फ रोजगार नहीं, व्यक्तित्व का विकास भी है लक्ष्य" - मंत्री कपिल देव अग्रवाल
व्यावसायिक शिक्षा, कौशल विकास एवं उद्यमशीलता विभाग के राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) कपिल देव अग्रवाल ने बताया कि इस पहल का मुख्य उद्देश्य युवाओं में लीडरशिप, बेहतरीन कम्युनिकेशन स्किल, डिजिटल साक्षरता और समग्र व्यक्तित्व विकास (Personality Development) को बढ़ावा देना है।
नए कैलेंडर के अनुसार, पूरे साल राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय दिवसों, सांस्कृतिक कार्यक्रमों, खेल प्रतियोगिताओं और करियर काउंसलिंग सत्रों का आयोजन किया जाएगा।
वर्षभर का विस्तृत गतिविधि कैलेंडर (Monthly Activity Highlights)
मिशन निदेशक पुलकित खरे के निर्देशन में तैयार किया गया वार्षिक कैलेंडर कुछ इस प्रकार है:
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जनवरी: राष्ट्रीय युवा दिवस, गणतंत्र दिवस का आयोजन और करियर काउंसलिंग सत्र।
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फरवरी: सांस्कृतिक उत्सव और उद्यमिता (Entrepreneurship) कार्यशालाएं।
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मार्च: अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस और वार्षिक सम्मान समारोह।
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अप्रैल: पृथ्वी दिवस, टैलेंट हंट, सेल्फ इंट्रोडक्शन प्रतियोगिता और अंबेडकर जयंती।
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मई: योग सत्र, खेल प्रतियोगिताएं, पोस्टर मेकिंग और वाद-विवाद (Debate)।
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जून: "हेल्थ एंड वेलनेस" (स्वास्थ्य और कल्याण) थीम पर आधारित विशेष सत्र।
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जुलाई: ग्रुप डिस्कशन (GD), मॉक इंटरव्यू और पब्लिक स्पीकिंग प्रतियोगिताएं।
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अगस्त: स्वतंत्रता दिवस, रंगोली प्रतियोगिता और रक्षाबंधन उत्सव।
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सितंबर: शिक्षक दिवस, हिंदी दिवस और विभिन्न साहित्यिक गतिविधियां।
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अक्टूबर: गांधी जयंती, राष्ट्रव्यापी स्वच्छता अभियान, श्रमदान और साइबर सुरक्षा कार्यशाला।
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नवंबर: संविधान दिवस, ज्ञानवर्धक क्विज प्रतियोगिताएं और खेलकूद।
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दिसंबर: अंग्रेजी बोलचाल सप्ताह (Spoken English Week), डिजिटल साक्षरता और रिज्यूमे राइटिंग।
हर केंद्र पर 6 विशेष क्लब बनाना हुआ अनिवार्य
योगी सरकार की इस योजना को धरातल पर मजबूती से लागू करने के लिए प्रत्येक आवासीय प्रशिक्षण केंद्र पर 6 विशेष क्लबों का गठन अनिवार्य कर दिया गया है। ये क्लब निम्नलिखित हैं:
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सांस्कृतिक क्लब (Cultural Club)
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खेल एवं फिटनेस क्लब (Sports & Fitness Club)
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डिजिटल एवं आईटी क्लब (Digital & IT Club)
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साहित्य एवं भाषा क्लब (Literature & Language Club)
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पर्यावरण एवं सामाजिक जागरूकता क्लब (Eco & Social Awareness Club)
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उद्यमिता एवं करियर विकास क्लब (Entrepreneurship & Career Development Club)
प्रत्येक क्लब में कम से कम 5 प्रशिक्षार्थियों का होना जरूरी है, जिनमें न्यूनतम 2 महिला प्रशिक्षार्थियों की भागीदारी अनिवार्य है। इसके साथ ही दिव्यांग युवाओं को भी इसमें प्राथमिकता के साथ शामिल करने के निर्देश दिए गए हैं।
निगरानी और पारदर्शिता की सख्त व्यवस्था
इस पूरी प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी बनाए रखने के लिए उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन ने कड़े नियम तय किए हैं हर केंद्र को अपनी प्रत्येक गतिविधि की जियोटैग फोटो (Geotagged Photos), छात्रों की उपस्थिति का पूरा विवरण और मासिक प्रगति रिपोर्ट सीधे मिशन मुख्यालय को ईमेल द्वारा भेजनी होगी। जिले के जिला कार्यक्रम प्रबंधकों (DPM) और ब्लॉक प्रोग्राम प्रबंधकों को महत्वपूर्ण आयोजनों के समय स्वयं केंद्रों पर व्यक्तिगत रूप से उपस्थित रहकर निरीक्षण करना होगा।
मिशन निदेशक पुलकित खरे ने अंत में कहा कि आज के कड़े कॉर्पोरेट कॉम्पिटिशन में केवल किताबी या तकनीकी ज्ञान काफी नहीं है। व्यक्तित्व की चमक और बात करने का सही सलीका भी उतना ही जरूरी है, और यूपी सरकार इसी सोच के साथ ग्रामीण क्षेत्र के युवाओं का भविष्य संवार रही है।
