पुण्यतिथि विशेष: सन्यासी क्रांतिकारी लाला हरदयाल, जिन्होंने विदेशों में जगाई आजादी की अलख

Death Anniversary Special: The Ascetic Revolutionary Lala Hardayal, Who Ignited the Flame of Freedom Abroad
 
Death Anniversary Special: The Ascetic Revolutionary Lala Hardayal, Who Ignited the Flame of Freedom Abroad
यह लेख महान क्रांतिकारी लाला हरदयाल की पुण्यतिथि (4 अप्रैल) पर उनके असाधारण जीवन, बौद्धिक क्षमता और राष्ट्रभक्ति को एक भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित करता है। डॉ. राघवेंद्र शर्मा द्वारा लिखित यह अंश लाला जी के व्यक्तित्व के उन पहलुओं को उजागर करता है जो उन्हें अन्य क्रांतिकारियों से विशिष्ट बनाते हैं।

1. बौद्धिक योद्धा और 'चलता-फिरता कंप्यूटर'

लाला हरदयाल केवल युद्ध के मैदान के क्रांतिकारी नहीं थे, बल्कि एक बौद्धिक योद्धा थे। उनकी स्मरण शक्ति और ज्ञान के कारण उन्हें 'चलता-फिरता कंप्यूटर' कहा जाता था। उन्होंने ऑक्सफोर्ड की छात्रवृत्ति और ऐश्वर्यपूर्ण जीवन का त्याग सिर्फ इसलिए कर दिया क्योंकि उन्हें लगा कि ब्रिटिश शिक्षा व्यवस्था भारतीयों को मानसिक रूप से गुलाम बना रही है।

2. गदर पार्टी की स्थापना

उनकी सबसे महत्वपूर्ण उपलब्धि 1913 में अमेरिका (सैन फ्रांसिस्को) में 'गदर पार्टी' की स्थापना थी। उनके द्वारा शुरू किए गए 'गदर' पत्र ने प्रवासी भारतीयों में राष्ट्रवाद की ज्वाला फूँक दी। उनका नारा स्पष्ट था:

"हमारी पहचान: गदर, हमारा काम: विद्रोह, कहाँ होगा: भारत में।"

3. 'सन्यासी क्रांतिकारी' का जीवन

उन्हें एक 'सन्यासी क्रांतिकारी' के रूप में चित्रित किया गया है, जिन्होंने व्यक्तिगत मोह-माया को त्याग कर अत्यंत सादा जीवन जिया। उन्होंने श्यामजी कृष्ण वर्मा और मैडम भीकाजी कामा जैसे दिग्गजों के साथ मिलकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत की आजादी की जमीन तैयार की।

4. वैचारिक विरासत

लाला हरदयाल का मानना था कि मानसिक गुलामी शारीरिक गुलामी से अधिक खतरनाक है। उन्होंने अपनी लेखनी (जैसे 'बोधिसत्व सिद्धांत') के माध्यम से युवाओं को अपनी संस्कृति और गौरवशाली इतिहास को पहचानने की प्रेरणा दी। उनके लिए राष्ट्रवाद एक 'साधना' थी।

5. निष्कर्ष और प्रासंगिकता

4 मार्च 1939 को फिलाडेल्फिया में उनका निधन हुआ। लेख स्पष्ट करता है कि आज के आधुनिक दौर में भी उनके विचार—विशेषकर स्वभाषा और स्वाभिमान के प्रति उनकी निष्ठा—उतने ही प्रासंगिक हैं। वे आधुनिक भारत के उन नायकों में से हैं जिन्होंने सत्ता की चाह के बिना राष्ट्र निर्माण में अपना सर्वस्व न्योछावर कर दिया।

Tags