हिंदी साहित्य में योगदान के लिए दीपक कुमार चौहान को मिला हिंदी गौरव सम्मान
टेढ़ी बाजार निवासी मन्नू लाल चौहान एवं चुन्नी देवी के पुत्र दीपक कुमार चौहान वर्ष 1999 से हिंदी साहित्य के क्षेत्र में सक्रिय हैं। साहित्य लेखन के साथ-साथ वह विभिन्न साहित्यिक आयोजनों में भागीदारी और प्रभावी वक्ता के रूप में भी अपनी पहचान बना चुके हैं। उनके साहित्यिक लेख और शोध-पत्र राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर के विभिन्न मंचों पर प्रस्तुत और प्रकाशित हो चुके हैं।
हिंदी भाषा और साहित्य के प्रति उनकी दीर्घकालिक सक्रियता, निरंतर लेखन तथा साहित्यिक योगदान को देखते हुए उन्हें यह सम्मान प्रदान किया गया।
इससे पूर्व भी साहित्य के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए उन्हें कई प्रतिष्ठित सम्मानों से नवाजा जा चुका है। इनमें युवा साहित्यकार सम्मान, हिंदी साहित्य सम्मेलन इलाहाबाद का सारस्वत सम्मान (दो बार), डॉ. राम कुमार वर्मा सम्मान, साहित्य वाचस्पति सम्मान, बाल साहित्य सम्मान और पंडित दीनदयाल सम्मान सहित अन्य सम्मान शामिल हैं।
हिंदी गौरव सम्मान मिलने पर साहित्यकारों, परिचितों और शुभचिंतकों ने दीपक कुमार चौहान को बधाई दी। चौहान ने कहा कि हिंदी साहित्य से उनका जुड़ाव करीब तीन दशक से है और लेखन के माध्यम से हिंदी भाषा एवं साहित्य को समृद्ध करने का प्रयास आगे भी निरंतर जारी रहेगा।
उन्हें बधाई देने वालों में 51वीं यूपी बटालियन के पूर्व कमांडिंग ऑफिसर कर्नल अरविंद प्रताप सिंह पटवाल, वर्तमान कमांडिंग ऑफिसर कर्नल अनुराग गंजवार, एमएलके पीजी कॉलेज के प्राचार्य प्रो. जेपी पाण्डेय सहित अनेक साहित्यकार, शिक्षाविद और शुभचिंतक शामिल रहे।
