लखनऊ में नौसेना शौर्य वाटिका का भव्य उद्घाटन रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और सीएम योगी ने राष्ट्र को समर्पित किया सैन्य संग्रहालय

A New Destination for Valor: Grand Inauguration of 'Nausena Shaurya Vatika' in Lucknow; Defence Minister Rajnath Singh and CM Yogi Dedicate Military Museum to the Nation.
 
 लखनऊ में नौसेना शौर्य वाटिका का भव्य उद्घाटन  रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और सीएम योगी ने राष्ट्र को समर्पित किया सैन्य संग्रहालय

लखनऊ डेस्क (31 मई 2026): उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के इतिहास में 30 मई 2026 का दिन सैन्य गौरव के एक नए प्रतीक के रूप में दर्ज हो गया है। देश के रक्षा मंत्री श्री राजनाथ सिंह और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ में भव्य 'नौसेना शौर्य वाटिका' का संयुक्त रूप से लोकार्पण किया।

लगभग 19 करोड़ रुपये की लागत से दो एकड़ से अधिक विस्तृत क्षेत्र में फैला यह खुला संग्रहालय (Open Museum) भारतीय नौसेना के अदम्य साहस, वीरता और पराक्रम की गाथा को बयां करता है। इस वाटिका में मुख्य रूप से 34 वर्षों तक देश की समुद्री सीमाओं की रक्षा करने वाले और 29 मई 2022 को सेवामुक्त (Decommissioned) हुए युद्धपोत आईएनएस गोमती (INS Gomati) के ऐतिहासिक हथियारों और कलाकृतियों को प्रदर्शित किया गया है।

यह सिर्फ वास्तुकला नहीं, वीर सैनिकों के प्रति कृतज्ञता है" - राजनाथ सिंह

उद्घाटन समारोह को संबोधित करते हुए रक्षा मंत्री श्री राजनाथ सिंह ने कहा कि नौसेना शौर्य वाटिका केवल एक पर्यटन स्थल नहीं है, बल्कि यह आने वाली पीढ़ियों के लिए राष्ट्रप्रेम और प्रेरणा का एक जीवंत स्रोत है।यह खुला संग्रहालय हमारे युवाओं में देश सेवा का जज्बा जगाएगा। वर्तमान वैश्विक भू-राजनीतिक उथल-पुथल के बीच दुनिया में शांति और समृद्धि का रास्ता सुरक्षित समुद्री मार्गों से होकर ही गुजरता है। हमारी नौसेना की परिचालन तत्परता और तीनों सेनाओं के संयुक्त 'ऑपरेशन सिंदूर' ने हमेशा शत्रुओं के दांत खट्टे किए हैं। अरब सागर में भारतीय नौसेना की दुर्जेय और आक्रामक स्थिति के डर से ही पाकिस्तानी नौसेना कारगिल युद्ध (ऑपरेशन सिंदूर) के दौरान अपने ही बंदरगाहों में दुबकने को मजबूर हो गई थी।"

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 रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता: 46 हजार करोड़ से 1.51 लाख करोड़ तक का सफर

रक्षा मंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में 'आत्मनिर्भर भारत' की सफलता का जिक्र करते हुए कुछ महत्वपूर्ण वित्तीय आंकड़े भी साझा किए:

  • घरेलू रक्षा उत्पादन में उछाल: साल 2014 में देश का घरेलू रक्षा उत्पादन जहां महज 46,000 करोड़ रुपये था, वह आज बढ़कर 1.51 लाख करोड़ रुपये के पार पहुंच गया है और जल्द ही 1.75 लाख करोड़ के नए रिकॉर्ड को छुएगा।

  • रक्षा निर्यात में ऐतिहासिक वृद्धि: साल 2014 में जो रक्षा निर्यात 1,000 करोड़ रुपये से भी कम था, वह आज लगभग 40,000 करोड़ रुपये तक पहुंच चुका है। भारत अब हथियारों के आयातक देश से बदलकर एक मजबूत निर्यातक देश बन रहा है। उन्होंने उत्तर प्रदेश डिफेंस इंडस्ट्रियल कॉरिडोर (UP Defence Industrial Corridor) की भी सराहना की।

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 क्या खास है 'नौसेना शौर्य वाटिका' में? (प्रमुख आकर्षण)

यह सैन्य पार्क देश के आम नागरिकों और विशेषकर बच्चों के लिए भारतीय नौसेना की तकनीकी और युद्धक क्षमता को करीब से देखने का एक बेहतरीन जरिया है। यहाँ निम्नलिखित सैन्य प्रणालियों को प्रदर्शित किया गया है:

  • एके 726 तोप: वास्तविक युद्धपोत पर तैनात रहने वाली शक्तिशाली तोप।

  • जेडआईएफ 101 लॉन्चर: सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइलों का प्रक्षेपास्त्र।

  • आईएनएस गोमती के अवशेष: जहाज का रडार, टॉरपीडो लॉन्चर, लंगर और मुख्य मस्तूल (Mast)।

  • टीयू 142एम वॉकथ्रू संग्रहालय: लंबी दूरी का समुद्री गश्ती विमान (Tu-142M) जो अब सेवामुक्त हो चुका है, उसके भीतर जाकर लोग नौसेना के विमानन इतिहास को समझ सकते हैं।

  • अन्य सुविधाएं: पर्यटकों के लिए आधुनिक लाइट एंड साउंड शो (ध्वनि एवं प्रकाश प्रणाली), भोजनालय और एक स्मारिका दुकान (Souvenir Shop) भी बनाई गई है।

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 आईएनएस गोमती: तीन दशकों के पराक्रम का इतिहास

उत्तर प्रदेश की जीवनदायिनी गोमती नदी के नाम पर बने इस युद्धपोत को 16 अप्रैल 1988 को तत्कालीन रक्षा मंत्री द्वारा मझगांव डॉक लिमिटेड में भारतीय नौसेना के बेड़े में शामिल किया गया था। गोदावरी श्रेणी के इस गाइडेड मिसाइल फ्रिगेट ने अपने सेवाकाल में 'ऑपरेशन कैक्टस', 'ऑपरेशन पराक्रम' और 'ऑपरेशन रेनबो' जैसे कई संवेदनशील और ऐतिहासिक सैन्य अभियानों में अग्रिम भूमिका निभाई थी। इसके उत्कृष्ट योगदान के लिए इसे दो बार (2007-08 और 2019-20) प्रतिष्ठित 'यूनिट प्रशस्ति पत्र' से सम्मानित किया गया था।

 समारोह में उपस्थित रहे गणमान्य अतिथि

इस ऐतिहासिक गौरवमयी क्षण के अवसर पर उत्तर प्रदेश के दोनों उपमुख्यमंत्री श्री केशव प्रसाद मौर्य एवं श्री ब्रजेश पाठक, भारतीय नौसेना के प्रमुख (Chief of the Naval Staff) एडमिरल दिनेश के त्रिपाठी सहित सेना, नौसेना और नागरिक प्रशासन के कई वरिष्ठ अधिकारी मुख्य रूप से मौजूद रहे। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने संबोधन में देश के वीर जवानों को नमन करते हुए कहा कि जब सरहद पर हमारे सैनिक जागते हैं, तभी देश का प्रत्येक नागरिक चैन की नींद सो पाता है।

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