भरत तिवारी प्रकरण की निष्पक्ष न्यायिक जांच की मांग, दोषियों को मिले कानूनन दंड : हिंदू देव प्रकाश शुक्ला
उन्होंने कहा कि स्वर्गीय भरत तिवारी कोई शातिर अपराधी नहीं थे और न ही उनका कोई गंभीर आपराधिक इतिहास रहा है। समाजसेवा के कार्यों के माध्यम से उन्होंने समाज में अपनी अलग पहचान बनाई थी।

हिंदू देव प्रकाश शुक्ला ने कहा कि यदि यह सत्य है कि भरत तिवारी आत्मसमर्पण कर रहे थे, तो उनकी मृत्यु किन परिस्थितियों में हुई, इसकी निष्पक्ष एवं न्यायिक जांच होना आवश्यक है। यह प्रश्न केवल उनके परिवार का नहीं, बल्कि न्याय व्यवस्था पर विश्वास रखने वाले प्रत्येक नागरिक का है।
उन्होंने कहा कि देश के बड़े-बड़े आतंकवादियों तक को आत्मसमर्पण का अवसर दिया जाता है। ऐसे में भरत तिवारी को यह अवसर क्यों नहीं मिला, यह जांच का विषय है। यदि कहीं भी प्रक्रिया का उल्लंघन हुआ है, तो दोषियों के विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जानी चाहिए।
उन्होंने आगे कहा कि भरत तिवारी की मृत्यु केवल एक व्यक्ति की मृत्यु नहीं है, बल्कि यह घटना हजारों युवाओं के मन में अनेक प्रश्न खड़े कर रही है। आज यह मामला न्याय और संवैधानिक प्रक्रिया में विश्वास बनाए रखने का विषय बन चुका है।
राष्ट्रीय युवा वाहिनी ने शोक संतप्त परिवार के प्रति गहरी संवेदनाएं व्यक्त करते हुए ईश्वर से दिवंगत आत्मा की शांति तथा परिजनों को इस असहनीय दुःख को सहन करने की शक्ति प्रदान करने की प्रार्थना की।
संगठन ने न्यायपालिका एवं अधिवक्ता समाज से भी आग्रह किया कि इस प्रकरण में निष्पक्ष न्याय सुनिश्चित करने के लिए परिवार को उचित कानूनी सहयोग प्रदान किया जाए, ताकि सत्य सामने आ सके और न्याय व्यवस्था पर जनता का विश्वास और अधिक मजबूत हो।
