हरदोई के सांसद जयप्रकाश रावत को केंद्रीय मंत्रिमंडल में शामिल करने की मांग, लखनऊ मंडल में राजनीतिक सरगर्मियां तेज
हरदोई/लखनऊ डेस्क (आर. एल. पाण्डेय)।
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेता और हरदोई से लोकप्रिय सांसद जयप्रकाश रावत को केंद्र सरकार के संभावित मंत्रिमंडल विस्तार में बड़ी जिम्मेदारी देने की मांग तेजी से उठने लगी है। राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि यदि सभी समीकरण अनुकूल रहे, तो इस बार उनका मंत्री बनना लगभग तय माना जा रहा है।
लखनऊ मंडल से नए चेहरे की तलाश, संघ का भी आशीर्वाद
सूत्रों और राजनैतिक विश्लेषकों के अनुसार, लखनऊ मंडल से केंद्र सरकार में प्रतिनिधित्व को लेकर कुछ नए फेरबदल की संभावना जताई जा रही है। ऐसे में भाजपा को क्षेत्र में एक जुझारू, अनुभवी और निष्ठावान चेहरे की आवश्यकता है।
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पुराना सांगठनिक अनुभव: जयप्रकाश रावत क्षेत्र के सबसे वरिष्ठ और पुराने सांसदों में से एक हैं।
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पार्टी के प्रति निष्ठा: वे लंबे समय से भाजपा के सबसे विश्वसनीय चेहरों में गिने जाते हैं।
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संघ का समर्थन: उन्हें राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) का भी विशेष आशीर्वाद प्राप्त है, जो उनकी दावेदारी को और अधिक मजबूती देता है।
2027 के विधानसभा चुनावों पर पड़ेगा सीधा सकारात्मक असर
राजनैतिक जानकारों का मानना है कि यदि केंद्र सरकार जयप्रकाश रावत को कैबिनेट में शामिल करती है, तो इसका सीधा लाभ भारतीय जनता पार्टी को आगामी 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनावों में मिलेगा।
राजनैतिक समीकरण: अपनी बेदाग छवि और लोकप्रियता के कारण जयप्रकाश रावत न केवल दलित समाज, बल्कि अन्य सभी वर्गों के बीच भी गहरी पैठ रखते हैं। उन्हें मंत्री बनाए जाने से हरदोई सहित आसपास के कई जनपदों में भाजपा का जनाधार और अधिक मजबूत होगा तथा अन्य समाज के लोग भी पार्टी के साथ पूरी ताकत से खड़े नजर आएंगे।
संगठन और वरिष्ठ समाजसेवियों ने उठाई मांग
जयप्रकाश रावत की इसी लोकप्रियता को देखते हुए 'कुशवाहा मौर्य शाक्य सैनी कल्याण एसोसिएशन' के राष्ट्रीय अध्यक्ष, वरिष्ठ पत्रकार एवं भाजपा कार्यकर्ता ने केंद्र सरकार के शीर्ष नेतृत्व से उन्हें केंद्रीय कैबिनेट मंत्री बनाने की पुरजोर मांग की है। संगठन का मानना है कि जयप्रकाश रावत को मंत्री पद देना क्षेत्र के विकास और सामाजिक समरसता के हित में एक बड़ा और सराहनीय कदम होगा।
