लखनऊ में चंद्रगुप्त मौर्य की प्रतिमा लगाने की उठी मांग: 'सहानुभूति' समाचार पत्र के स्थापना दिवस पर मीडिया जगत ने एकजुट होकर भरी हुंकार
महापुरुषों के गौरव को सहेजने की पहल
स्थापना दिवस समारोह में उपस्थित पत्रकारों और प्रबुद्ध जनों ने अखंड भारत के निर्माता चंद्रगुप्त मौर्य और चक्रवर्ती सम्राट अशोक के ऐतिहासिक योगदान को याद किया। वक्ताओं ने कहा कि राजधानी में इन महापुरुषों की भव्य प्रतिमा होने से युवा पीढ़ी को अपने समृद्ध इतिहास और गौरवशाली विरासत से जुड़ने की प्रेरणा मिलेगी।
मौर्य वंश के गौरव पर चर्चा
कार्यक्रम के दौरान कई वरिष्ठ हस्तियों ने सम्राट अशोक और चंद्रगुप्त मौर्य के जीवन दर्शन पर प्रकाश डाला। चर्चा में प्रमुख रूप से शामिल रहे:
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संपादक गिरीश चंद्र कुशवाहा: जिन्होंने पत्र के 16 वर्षों के सेवा कार्यों का विवरण साझा किया।
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मुरारी लाल कुशवाहा, सुषमा देवी और गरिमा सिंह।
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वरिष्ठ पत्रकार: जी पी दीक्षित, आर एल पाण्डेय, बीआर सिंह, केदारनाथ सैनी, मुकेशानंद, सुनील त्रिपाठी और विमल कुमार शाक्य।
सेवा के 16 वर्ष पूरे
समारोह के समापन पर संपादक गिरीश चंद्र कुशवाहा ने 'सहानुभूति' समाचार पत्र की 16 वर्षों की यात्रा का उल्लेख करते हुए बताया कि पत्र ने हमेशा जनहित और सामाजिक सरोकारों को प्राथमिकता दी है। उन्होंने सभी आगंतुक अतिथियों का आभार व्यक्त करते हुए भविष्य में भी निष्पक्ष पत्रकारिता के संकल्प को दोहराया।
