गौमाता को 'राष्ट्र माता' का दर्जा देने की मांग: राष्ट्रीय युवा वाहिनी ने प्रशासन को सौंपा ज्ञापन
थाना रसूलपुर में सौंपा गया ज्ञापन
संगठन के पदाधिकारियों ने जिला फिरोजाबाद के थाना रसूलपुर प्रभारी निरीक्षक को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में इस बात पर जोर दिया गया कि गौमाता भारतीय संस्कृति, कृषि व्यवस्था और सनातन परंपरा की मुख्य आधारशिला हैं। करोड़ों भारतीयों की अटूट आस्था का केंद्र होने के कारण उनके सम्मान की रक्षा करना शासन और प्रशासन का नैतिक दायित्व है।
प्रमुख मांगें और कड़े कानून की अपील
ज्ञापन के माध्यम से संगठन ने निम्नलिखित महत्वपूर्ण मांगें सरकार के समक्ष रखी हैं:
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राष्ट्र माता का दर्जा: गौमाता को आधिकारिक रूप से भारत की 'राष्ट्र माता' घोषित किया जाए।
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कठोर दंड का प्रावधान: गौकशी और गौ तस्करी जैसे जघन्य अपराधों में संलिप्त अपराधियों के लिए फांसी या आजीवन कारावास की सजा का कानूनी प्रावधान हो।
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अवैध गतिविधियों पर लगाम: डेयरी संचालन की आड़ में होने वाली तस्करी और अवैध गतिविधियों पर तत्काल रोक लगाई जाए। पशुओं की खरीद-फरोख्त का संपूर्ण रिकॉर्ड प्रशासन द्वारा पारदर्शी तरीके से संधारित किया जाए।
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लाइसेंस की जांच: अवैध पशु कटान को पूरी तरह बंद किया जाए और मीट विक्रेताओं के लाइसेंस की गहनता से जांच सुनिश्चित की जाए।
इनकी रही गरिमामयी उपस्थिति
यह ज्ञापन गौ प्रकोष्ठ के राष्ट्रीय अध्यक्ष और हिंदूवादी नेता पंडित हृदेश शर्मा के नेतृत्व में सौंपा गया। इस दौरान उन्होंने कहा कि सनातन धर्म में कोई भी धार्मिक कार्य, पूजा-अर्चना या हवन गौमाता के बिना अपूर्ण है, इसलिए सरकार को उनके संरक्षण हेतु विशेष कानून बनाना चाहिए।
