सूचना एवं जनसंपर्क विभाग, उत्तर प्रदेश , 31 मार्च तक चलेगा राष्ट्रीय मध्यस्थता अभियान 2.0
National Mediation Campaign 2.0 will run until March 31st.
उन्होंने बताया कि इस अभियान का मुख्य उद्देश्य मध्यस्थता के माध्यम से न्यायालयों में लंबित प्रकरणों का त्वरित, सरल एवं सौहार्दपूर्ण समाधान सुनिश्चित करना है, जिससे न्यायिक प्रक्रिया पर बोझ कम हो और आम नागरिकों को शीघ्र न्याय प्राप्त हो सके।
श्री सिंह ने जानकारी दी कि माननीय राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देशन में जनपद स्तर पर यह अभियान जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की अध्यक्षा, माननीय जनपद न्यायाधीश श्री मलखान सिंह के कुशल मार्गदर्शन में संचालित किया जा रहा है। अभियान के अंतर्गत जनपद के समस्त न्यायालयों सहित पारिवारिक न्यायालय, वाणिज्यिक न्यायालय, मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण, उपभोक्ता फोरम, भूमि अर्जन एवं भूमि अधिग्रहण पुनर्व्यवस्थापन प्राधिकरण तथा अन्य संबंधित न्यायालयों में लंबित मामलों का मध्यस्थता के माध्यम से निस्तारण किया जाएगा।
किन मामलों का होगा निस्तारण
राष्ट्रीय मध्यस्थता अभियान 2.0 के अंतर्गत निम्नलिखित प्रकरणों का समाधान मध्यस्थता के माध्यम से किया जा सकता है—
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वैवाहिक विवाद
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मोटर दुर्घटना दावा प्रकरण
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घरेलू हिंसा से संबंधित मामले
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चेक बाउंस से जुड़े वाद
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वाणिज्यिक एवं सेवा विवाद
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शमनीय आपराधिक प्रकरण
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उपभोक्ता विवाद
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ऋण वसूली से संबंधित मामले
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संपत्ति का बंटवारा
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बेदखली से संबंधित वाद
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अन्य उपयुक्त दीवानी प्रकरण एवं लंबित प्रार्थना पत्र
नागरिकों से अपील
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, लखनऊ द्वारा जनपद के समस्त नागरिकों से अपील की गई है कि वे 01 जनवरी 2026 से 31 मार्च 2026 तक चलने वाले राष्ट्रीय मध्यस्थता अभियान 2.0 में सक्रिय सहभागिता करें। अपने लंबित वादों के निस्तारण हेतु संबंधित न्यायालयों, कार्यालयों अथवा जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, लखनऊ के कार्यालय से संपर्क कर मध्यस्थता की प्रक्रिया का लाभ उठाएं और शीघ्र, सरल एवं सौहार्दपूर्ण न्याय प्राप्त करने में सहयोग करें।
