एमएलके पीजी कॉलेज में समाजशास्त्र विभाग ने शोध लेख लेखन पर व्याख्यान कार्यक्रम आयोजित किया

The Department of Sociology at MLK PG College organized a lecture program on writing research articles.
 
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बलरामपुर। एम.एल.के. पी.जी. कॉलेज, बलरामपुर के समाजशास्त्र विभाग की ओर से ‘Academic Research Article Writing in Social Science’ विषय पर व्याख्यान कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. जे.पी. पाण्डेय के नेतृत्व एवं मार्गदर्शन में संपन्न हुआ।

कार्यक्रम का संचालन डॉ. ओम प्रकाश सिंह ने किया। समाजशास्त्र विभाग की विभागाध्यक्ष एवं पूर्व सांस्कृतिक निर्देशिका डॉ. अनामिका सिंह के नेतृत्व में आयोजित कार्यक्रम में विद्यार्थियों को सामाजिक विज्ञान में शोध लेख तैयार करने की प्रक्रिया और शोध लेखन की बारीकियों से परिचित कराया गया।

शोध लेख की संरचना और लेखन पद्धति पर दी जानकारी

कार्यक्रम के मुख्य वक्ता मनोविज्ञान विभाग के डॉ. राजर्षि मणि त्रिपाठी ने शोध लेख एवं शोध लेखन की पद्धति पर विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने विद्यार्थियों को सरल भाषा में समझाया कि एक प्रभावी शोध पत्र तैयार करने के लिए उपयुक्त शीर्षक, शोध का उद्देश्य, शोध पद्धति, आंकड़ों का विश्लेषण और निष्कर्ष जैसे विभिन्न पहलुओं पर विशेष ध्यान देना आवश्यक है।

उन्होंने बताया कि शोध लेख लिखते समय विषय का चयन स्पष्ट और शोधपरक होना चाहिए। साथ ही शोधकर्ता को अपने अध्ययन के उद्देश्य और अपनाई गई पद्धति को व्यवस्थित ढंग से प्रस्तुत करना चाहिए। डॉ. त्रिपाठी ने विद्यार्थियों को रिसर्च प्रोजेक्ट तैयार करने की प्रक्रिया के संबंध में भी महत्वपूर्ण सुझाव दिए।

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शिक्षकों और विद्यार्थियों की रही सहभागिता

कार्यक्रम में मुख्य नियंता एवं गणित विभागाध्यक्ष प्रो. वीना सिंह, भूगोल विभागाध्यक्ष एवं सांस्कृतिक निर्देशिका प्रो. रेखा विश्वकर्मा, शिक्षा शास्त्र विभागाध्यक्ष प्रो. दिनेश कुमार मौर्य, मनोविज्ञान विभागाध्यक्ष डॉ. स्वदेश भट्ट, डॉ. देवेंद्र चौहान, डॉ. मणिका मिश्रा सहित विभिन्न विभागों के शिक्षक उपस्थित रहे।

समाजशास्त्र विभाग की ओर से श्रीमती सीमा पाण्डेय ने कार्यक्रम के अंत में आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम में लगभग 100 से 150 छात्र-छात्राओं ने प्रतिभाग किया। व्याख्यान कार्यक्रम विद्यार्थियों के लिए शोध लेखन और अकादमिक अनुसंधान की समझ विकसित करने की दृष्टि से उपयोगी रहा और कार्यक्रम सकुशल संपन्न हुआ।

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