प्रकृति के साथ संतुलन बनाकर ही हो सकता है विकास: डॉ. दिनेश शर्मा

नेताजी सुभाष महिला महाविद्यालय में जलवायु परिवर्तन पर राष्ट्रीय परिचर्चा आयोजित, बीबीए कक्ष का लोकार्पण और चार पुस्तकों का विमोचन

 
प्रकृति के साथ संतुलन बनाकर ही हो सकता है विकास: डॉ. दिनेश शर्मा

लखनऊ, 5 नवंबर। नेताजी सुभाष चंद्र बोस राजकीय महिला स्नातकोत्तर महाविद्यालय, अलीगंज में गुरुवार को जलवायु परिवर्तन और द्वीपों के भविष्य पर राष्ट्रीय परिचर्चा का आयोजन किया गया। इस अवसर पर अंडमान-निकोबार के उपराज्यपाल डॉ. दिनेश शर्मा ने मुख्य वक्ता के रूप में अपने विचार रखे। कार्यक्रम के दौरान बीबीए कक्ष का लोकार्पण और चार पुस्तकों का विमोचन भी किया गया।

‘जलवायु परिवर्तन के दौर में द्वीपों का भविष्य’ विषय पर संबोधित करते हुए डॉ. दिनेश शर्मा ने कहा कि अंडमान केवल द्वीपों का समूह नहीं, बल्कि भारत की सामरिक शक्ति और अमूल्य पर्यावरणीय धरोहर है। यहां विकास की संभावनाओं को आगे बढ़ाना जरूरी है, लेकिन इसके साथ प्राकृतिक संसाधनों, समुद्री जीवों और जैव विविधता का संरक्षण भी प्राथमिकता होनी चाहिए।

उन्होंने कहा कि प्रकृति के साथ तालमेल स्थापित करके ही वास्तविक विकास संभव है। समुद्री जीव और प्राकृतिक पारिस्थितिकी हमें पर्यावरण की भाषा समझने का संदेश देते हैं। हमें भी प्रकृति के संकेतों को समझते हुए विकास की योजनाएं तैयार करनी होंगी। डॉ. शर्मा ने अंडमान की ऐतिहासिक विरासत का उल्लेख करते हुए कहा कि यह नेताजी सुभाष चंद्र बोस और वीर सावरकर जैसे महान राष्ट्रभक्तों से जुड़ी भूमि है। यहां के वातावरण में ही देशभक्ति की भावना समाहित है।

पिता की स्मृति में बने बीबीए कक्ष का किया लोकार्पण

कार्यक्रम का एक भावुक क्षण उस समय आया, जब डॉ. दिनेश शर्मा ने अपनी राज्यसभा सांसद निधि से निर्मित पंडित केदार नाथ शर्मा (पाधा जी) बीबीए कक्ष का लोकार्पण किया। यह कक्ष उनके पिता की स्मृति को समर्पित है। इस अवसर पर उन्होंने अपने पिता के योगदान और स्मृतियों से जुड़े भाव भी साझा किए।

जलवायु परिवर्तन पर विशेषज्ञों ने रखे विचार

राष्ट्रीय परिचर्चा में विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञों और शिक्षाविदों ने जलवायु परिवर्तन से उत्पन्न चुनौतियों, द्वीपीय क्षेत्रों पर इसके प्रभाव तथा संभावित समाधान पर विचार-विमर्श किया। इसमें प्रो. सी.एम. नौटियाल, प्रो. मुकुंद शर्मा, प्रो. व्यंकटेश दत्ता, प्रो. ध्रुवसेन सिंह और दूरदर्शन के निदेशक आत्म प्रकाश मिश्र ने अपने विचार प्रस्तुत किए।

महाविद्यालय की प्राचार्य प्रो. शालिनी श्रीवास्तव ने अतिथियों का स्वागत किया। कार्यक्रम की संयोजक प्रो. कंचन लता और आयोजन सचिव प्रो. पूनम वर्मा रहीं। इस दौरान डॉ. भास्कर शर्मा ने अभिनंदन पत्र का वाचन किया।

चार पुस्तकों का हुआ विमोचन

कार्यक्रम के समापन अवसर पर उपराज्यपाल डॉ. दिनेश शर्मा ने महाविद्यालय की प्राचार्य प्रो. शालिनी श्रीवास्तव, प्रो. संजय बरनवाल, प्रो. राजीव यादव, प्रो. पूनम वर्मा, डॉ. श्वेता भारद्वाज और डॉ. रोशनी सिंह द्वारा संपादित चार पुस्तकों सहित अन्य शिक्षकों की पुस्तकों का विमोचन किया। इस आयोजन ने पर्यावरण संरक्षण, सतत विकास और अकादमिक शोध के महत्व को रेखांकित करते हुए शिक्षकों, विशेषज्ञों और विद्यार्थियों को जलवायु परिवर्तन जैसी वैश्विक चुनौती पर गंभीर चिंतन का अवसर प्रदान किया।

Tags