श्री पब्लिक बाल रामलीला में धनुष यज्ञ और श्रीराम विवाह का भव्य मंचन, परशुराम-लक्ष्मण संवाद ने बांधा समां
लखनऊ। श्री पब्लिक बाल रामलीला समिति की ओर से चौक स्थित रामलीला ग्राउंड, लोहिया पार्क में आयोजित 90वें वार्षिक श्रीरामलीला महोत्सव में धनुष यज्ञ, रावण-बाणासुर संवाद, परशुराम-लक्ष्मण संवाद और प्रभु श्रीराम-माता सीता के विवाह की भव्य लीलाओं का मंचन किया गया। कलाकारों की प्रभावशाली प्रस्तुतियों ने दर्शकों को भक्तिभाव से सराबोर कर दिया। श्रीराम विवाह के दौरान पूरा पंडाल जय श्रीराम के उद्घोष से गूंज उठा।
श्रीराम ने तोड़ा भगवान शिव का दिव्य धनुष
धनुष यज्ञ की लीला में मिथिला नरेश राजा जनक के दरबार में देश-विदेश से अनेक राजा भगवान शिव के दिव्य धनुष को उठाने और उस पर प्रत्यंचा चढ़ाने के लिए पहुंचे। एक-एक कर सभी राजाओं ने धनुष उठाने का प्रयास किया, लेकिन कोई भी उसे हिला तक नहीं सका। राजाओं की असफलता से राजा जनक चिंतित हो उठे।
इसके बाद महर्षि विश्वामित्र की आज्ञा पाकर प्रभु श्रीराम ने सहज भाव से शिव धनुष उठाया और उस पर प्रत्यंचा चढ़ाने का प्रयास किया। इसी दौरान धनुष टूट गया। धनुष भंग होते ही पंडाल जय श्रीराम के जयकारों से गूंज उठा। श्रद्धालुओं ने हर्ष व्यक्त करते हुए प्रभु श्रीराम के जयकारे लगाए।
रावण-बाणासुर और परशुराम-लक्ष्मण संवाद ने मोहा मन
धनुष यज्ञ से पहले रावण-बाणासुर संवाद का प्रभावशाली मंचन किया गया। कलाकारों ने अपने सशक्त अभिनय से इस प्रसंग को जीवंत बना दिया। इसके बाद परशुराम-लक्ष्मण संवाद ने दर्शकों को रोमांचित किया। दोनों पात्रों के बीच तीखे वाक्-संवाद और ओजपूर्ण अभिनय पर दर्शकों ने तालियों की गड़गड़ाहट से कलाकारों का उत्साह बढ़ाया।
इस प्रस्तुति का विशेष आकर्षण परशुराम और लक्ष्मण की भूमिकाओं में पिता-पुत्र की जोड़ी रही। दोनों कलाकारों ने मंच पर शानदार सामंजस्य दिखाते हुए प्रसंग को प्रभावशाली बनाया।
श्रीराम-माता सीता के विवाह पर गूंजे जयकारे
धनुष भंग के बाद श्रीराम विवाह की लीला का मनोहारी मंचन हुआ। प्रभु श्रीराम और माता सीता के जयमाल प्रसंग के दौरान श्रद्धालुओं ने जय-जय श्रीराम के जयकारे लगाए। विवाह के पारंपरिक दृश्यों और कलाकारों की भावपूर्ण प्रस्तुतियों ने वातावरण को भक्तिमय बना दिया। दर्शक पूरी श्रद्धा और उत्साह के साथ लीला का आनंद लेते नजर आए।
कलाकारों ने निभाईं विभिन्न भूमिकाएं
रामलीला में राजा जनक की भूमिका दीपक त्रिपाठी, महर्षि विश्वामित्र की भूमिका कमलाकांत शुक्ला, रावण की भूमिका अक्षय वर्मा, बाणासुर की भूमिका रोहन त्रिपाठी और परशुराम की भूमिका अनुज मिश्रा ने निभाई। वहीं, राम, लक्ष्मण और सीता की भूमिकाओं में कलाकारों ने रामायण के प्रसंगों को मंच पर साकार किया।
श्री पब्लिक बाल रामलीला समिति की ओर से आयोजित यह महोत्सव धार्मिक आस्था, भारतीय संस्कृति और रामायण के आदर्शों को जन-जन तक पहुंचाने का माध्यम बना हुआ है। धनुष यज्ञ से लेकर श्रीराम विवाह तक की लीलाओं ने श्रद्धालुओं को धर्म, मर्यादा, भक्ति और आदर्श जीवन का संदेश दिया।
