डायबिटीज के प्रति जागरूकता और समय पर जांच बेहद जरूरी: डॉ. राकिफ अख्तर
डॉ. राकिफ अख्तर ने बताया कि डायबिटीज एक “साइलेंट” बीमारी है, जिसके शुरुआती लक्षण अक्सर लोग नजरअंदाज कर देते हैं। यही लापरवाही आगे चलकर गंभीर रूप ले सकती है। उन्होंने कहा कि यह एक मेटाबोलिक डिसऑर्डर है, जिसमें शरीर रक्त में ग्लूकोज (शुगर) के स्तर को सही तरीके से नियंत्रित नहीं कर पाता। लंबे समय तक शुगर का स्तर अधिक रहने पर इसका असर हृदय, किडनी, आंखों और नसों पर पड़ सकता है, जिससे कई गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं पैदा हो सकती हैं।
उन्होंने बताया कि डायबिटीज मुख्य रूप से तीन प्रकार की होती है। टाइप-1 डायबिटीज को फिलहाल रोका नहीं जा सकता, जबकि टाइप-2 डायबिटीज के अधिकांश मामलों को स्वस्थ जीवनशैली अपनाकर काफी हद तक नियंत्रित और रोका जा सकता है।
डॉ. राकिफ ने लोगों को सलाह दी कि वे प्रतिदिन कम से कम 30 मिनट शारीरिक गतिविधि करें, संतुलित आहार लें, मीठे का सेवन सीमित रखें और अपने वजन को नियंत्रित रखें। इसके साथ ही समय-समय पर ब्लड शुगर की जांच कराते रहना भी जरूरी है।उन्होंने कहा कि जागरूकता, सावधानी और समय पर जांच के माध्यम से डायबिटीज जैसी गंभीर बीमारी पर काफी हद तक नियंत्रण पाया जा सकता है।
