लखनऊ विश्वविद्यालय में संगोष्ठी: योग से नियंत्रित होगी डायबिटीज, विशेषज्ञों ने बताए मधुमेह प्रबंधन के अचूक उपाय
लखनऊ डेस्क: आधुनिक जीवनशैली में आम जनता के बीच तेजी से बढ़ रही मधुमेह (डायबिटीज) की गंभीर समस्या को देखते हुए लखनऊ विश्वविद्यालय ने एक सराहनीय पहल की है। विश्वविद्यालय के योग एवं वैकल्पिक चिकित्सा संकाय के योग विभाग द्वारा “योग के माध्यम से मधुमेह प्रबंधन” विषय पर एक दिवसीय विशेष संगोष्ठी (सेमीनार) का आयोजन किया गया।
इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य लोगों को बिना अत्यधिक दवाओं के, केवल योग और प्राकृतिक चिकित्सा के माध्यम से शुगर लेवल को नियंत्रित करने के प्रति जागरूक करना था।
नियमित योग और संतुलित आहार से थमेगी मधुमेह की रफ्तार
संगोष्ठी में मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित राकेश कुमार श्रीवास्तव ने मधुमेह को काबू में रखने के लिए योग विज्ञान की भूमिका पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने अपने संबोधन में मुख्य रूप से निम्नलिखित बिंदुओं पर जोर दिया:
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सटीक दिनचर्या है जरूरी: उन्होंने बताया कि नियमित योगाभ्यास, ध्यान और प्राणायाम के जरिए मानसिक तनाव कम होता है, जो इंसुलिन के स्तर को सुधारने में सीधे मदद करता है।
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आसन और स्वास्थ्य उपाय: मुख्य वक्ता ने उपस्थित प्रतिभागियों को कुछ विशिष्ट योगासनों की तकनीक सिखाई जो विशेष रूप से पेनक्रियाज (अग्न्याशय) को सक्रिय करने में सहायक होते हैं। इसके साथ ही उन्होंने संतुलित आहार और अनुशासित जीवनशैली अपनाने की आवश्यकता पर बल दिया।
प्रख्यात प्रोफेसरों के मार्गदर्शन में संपन्न हुआ कार्यक्रम
"योग केवल व्यायाम नहीं, बल्कि संपूर्ण स्वास्थ्य की कुंजी है। यदि हम अपनी रोजमर्रा की जिंदगी में योग को शामिल कर लें, तो मधुमेह जैसी क्रॉनिक बीमारियों को न सिर्फ नियंत्रित किया जा सकता है, बल्कि उनसे पूरी तरह बचाव भी संभव है।"
इस महत्वपूर्ण सेमिनार का सफल संपादन योग एवं वैकल्पिक चिकित्सा संकाय के अधिष्ठाता (डीन) प्रो. आलोक कुमार यादव तथा योग विभाग के समन्वयक डॉ. अमरजीत यादव की गरिमामयी उपस्थिति और कुशल मार्गदर्शन में हुआ।
इस संगोष्ठी में विश्वविद्यालय के छात्र-छात्राओं, शोधार्थियों (रिसर्च स्कॉलर्स), प्रोफेसरों और शहर के कई गणमान्य नागरिकों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। कार्यक्रम के अंत में सभी प्रतिभागियों को नियमित रूप से योग अपनाने और समाज में इसका संदेश फैलाने का संकल्प दिलाया गया।
