संजू सैमसन को बाहर करने पर BCCI और टीम मैनेजमेंट में पैदा हुए मतभेद? इंग्लैंड सीरीज़ के बीच हुआ बड़ा दावा

Did differences arise between the BCCI and the team management over dropping Sanju Samson? Major claim made amidst the England series.
 
 Sanju Samson

भारतीय क्रिकेट टीम के खेमे से इस समय एक बेहद चौंकाने वाली आंतरिक खबर सामने आ रही है। इंग्लैंड दौरे पर भारतीय टीम के निराशाजनक और लचर प्रदर्शन के बीच, स्टार विकेटकीपर-बल्लेबाज संजू सैमसन (Sanju Samson) को टीम से ड्रॉप करने के फैसले ने भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) के गलियारों में एक नया विवाद खड़ा कर दिया है। ताजा रिपोर्ट्स और दावों के अनुसार, संजू सैमसन को टीम से बाहर रखने के मुद्दे पर BCCI चयनकर्ताओं (Selectors) और टीम मैनेजमेंट के बीच गहरे मतभेद और आपसी अंतर्विरोध पैदा हो गए हैं।

वर्ल्ड कप के हीरो को महज 3 फ्लॉप मैचों के बाद ही मिली सजा

इंग्लैंड के खिलाफ जारी मौजूदा टी20 सीरीज के पहले मुकाबले में मिली हार के बाद टीम मैनेजमेंट ने एक हैरान करने वाला कड़ा कदम उठाया था। संजू सैमसन को लगातार तीन पारियों में सिंगल डिजिट (दहाई के अंक से कम) का स्कोर बनाने के कारण प्लेइंग इलेवन से बाहर का रास्ता दिखा दिया गया था।

संजू को ड्रॉप किए जाने के इस फैसले पर इसलिए भी उंगलियां उठ रही हैं, क्योंकि यह वही खिलाड़ी हैं जिन्होंने कुछ महीने पहले संपन्न हुए टी20 वर्ल्ड कप 2026 में अपने बल्ले से कोहराम मचाया था। वर्ल्ड कप के नॉकआउट मुकाबलों में लगातार मैच जिताऊ पारियां खेलने के लिए संजू सैमसन को 'प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट' चुना गया था। इतने बड़े मुकाम से सीधे बेंच पर बिठाए जाने के फैसले ने हर किसी को हैरान किया है।

जिम्बाब्वे दौरे से भी पत्ता साफ, चयनकर्ताओं और मैनेजमेंट में दरार!

सैमसन को इंग्लैंड के खिलाफ प्लेइंग इलेवन से ड्रॉप करने के बाद मैनचेस्टर में खेले गए दूसरे टी20 मुकाबले में 15 वर्षीय युवा सनसनी वैभव सूर्यवंशी को डेब्यू का मौका दिया गया। संजू के लिए परिस्थितियां और ज्यादा तब बिगड़ गईं, जब आगामी जिम्बाब्वे दौरे के लिए घोषित की गई 15 सदस्यीय भारतीय टीम से भी उनका पत्ता पूरी तरह काट दिया गया।

क्रिकेट सूत्रों के हवाले से आ रही रिपोर्ट्स की मानें तो संजू को लगातार नजरअंदाज करने और टीम से बेदखल करने के इस फैसले ने चयन समिति और टीम मैनेजमेंट के बीच एक वैचारिक दरार पैदा कर दी है। हालांकि, इस अंदरूनी कलह के बीच बीसीसीआई (BCCI) ने चयनकर्ताओं के इस सख्त फैसले का बचाव किया है। बोर्ड का तर्क है कि यह रणनीतिक कदम भारतीय क्रिकेट के सुनहरे और दीर्घकालिक भविष्य (Future) को ध्यान में रखकर उठाया गया है।

युवाओं की 'अंधाधुंध हिटिंग' पर बोर्ड सख्त, होगी विशेष काउंसलिंग

इंग्लैंड में भारतीय टीम के लचर प्रदर्शन पर बीसीसीआई इस समय बेहद पैनी और सख्त नजर बनाए हुए है। बोर्ड के उच्च पदस्थ सूत्रों के अनुसार, ओपनर अभिषेक शर्मा और युवा खिलाड़ी वैभव सूर्यवंशी की 'हर गेंद पर छक्का मारने' की अत्यधिक आक्रामक (Blind Hitting) मानसिकता को टीम की लगातार हार का एक बड़ा और मुख्य कारण माना गया है।

विदेशी पिचों पर बिना परिस्थितियों को भांपे केवल आक्रामक शॉट खेलने की इस जिद से बोर्ड खुश नहीं है। बीसीसीआई ने स्पष्ट किया है कि वह इन दोनों प्रतिभाशाली युवा खिलाड़ियों की विशेष काउंसलिंग (मार्गदर्शन) की व्यवस्था करेगा, ताकि ये दोनों अंतरराष्ट्रीय स्तर पर समय के साथ अपनी गलतियों को सुधारें और अपनी आक्रामकता के साथ-साथ क्रीज पर टिकने की तकनीक भी सीख सकें।

Tags