परिषदीय स्कूलों में डिजिटल शिक्षा को मिलेगा नया आयाम, स्मार्ट क्लास और आईसीटी लैब के लिए शिक्षकों का विशेष प्रशिक्षण शुरू
लखनऊ, 6 अगस्त 2026। उत्तर प्रदेश सरकार ने परिषदीय विद्यालयों में डिजिटल शिक्षा को मजबूत बनाने के लिए व्यापक प्रशिक्षण अभियान शुरू किया है। समग्र शिक्षा अभियान के तहत प्रदेश के सभी विकासखंडों में मास्टर ट्रेनर तैयार किए जाएंगे, जो शिक्षकों को स्मार्ट क्लास, आईसीटी लैब और अन्य डिजिटल शिक्षण संसाधनों के प्रभावी उपयोग का व्यावहारिक प्रशिक्षण देंगे।
इस पहल का उद्देश्य विद्यालयों में स्थापित आधुनिक डिजिटल सुविधाओं को केवल उपकरणों तक सीमित न रखकर उन्हें दैनिक शिक्षण प्रक्रिया का अभिन्न हिस्सा बनाना है, ताकि विद्यार्थियों को अधिक रोचक, सहभागितापूर्ण और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध हो सके।
प्रत्येक शिक्षक को डिजिटल शिक्षण में दक्ष बनाने पर जोर
बेसिक शिक्षा राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) संदीप सिंह ने कहा कि सरकार का लक्ष्य केवल स्कूलों में स्मार्ट क्लास स्थापित करना नहीं, बल्कि प्रत्येक शिक्षक को तकनीक आधारित शिक्षण में दक्ष बनाना है। उन्होंने कहा कि जब शिक्षक डिजिटल संसाधनों का प्रभावी उपयोग करेंगे, तभी विद्यार्थियों को आधुनिक और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का लाभ मिलेगा। यह अभियान राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के अनुरूप डिजिटल शिक्षा को विद्यालयों की नियमित शिक्षण प्रक्रिया का मजबूत आधार बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
दो चरणों में हुआ राज्य स्तरीय प्रशिक्षण
महानिदेशक स्कूल शिक्षा एवं राज्य परियोजना निदेशक मोनिका रानी ने सभी जिलों को इस संबंध में विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए हैं। प्रत्येक विकासखंड से एक शिक्षक को मास्टर ट्रेनर के रूप में चयनित किया गया है। इनका राज्य स्तरीय प्रशिक्षण 27 से 29 जुलाई तथा 4 से 6 अगस्त तक दो चरणों में आयोजित किया गया।
अब यही प्रशिक्षित मास्टर ट्रेनर अपने-अपने विकासखंडों में शिक्षकों को दो दिवसीय प्रशिक्षण देंगे। प्रत्येक प्रशिक्षण बैच में अधिकतम 50 शिक्षक शामिल होंगे।
प्री-टेस्ट और पोस्ट-टेस्ट से होगी गुणवत्ता की निगरानी
प्रशिक्षण की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए प्री-टेस्ट, पोस्ट-टेस्ट, ऑनलाइन मॉनिटरिंग और एस्केलेशन मैट्रिक्स की व्यवस्था की गई है। साथ ही तकनीकी समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए विद्या समीक्षा केंद्र और सेवा प्रदाताओं के संपर्क विवरण भी उपलब्ध कराए गए हैं।
30 अगस्त तक पूरा होगा प्रशिक्षण
प्रदेश के सभी जिलों को 30 अगस्त 2026 तक ब्लॉक स्तर पर प्रशिक्षण कार्यक्रम पूरा कराने के निर्देश दिए गए हैं। इस अभियान की निगरानी की जिम्मेदारी जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी, डायट, खंड शिक्षा अधिकारी और जिला समन्वयकों को सौंपी गई है।
सरकार का मानना है कि यह पहल परिषदीय विद्यालयों में डिजिटल शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाने के साथ-साथ शिक्षकों की तकनीकी दक्षता को भी नई दिशा देगी, जिससे विद्यार्थियों को आधुनिक शिक्षण पद्धति का बेहतर लाभ मिल सकेगा।
