वसुंधरा के ट्रैफिक सिग्नल पर दिखा डिजिटल इंडिया का अनोखा नजारा, भिखारी भी मांग रहे ऑनलाइन पेमेंट
मेरे आगे एक कार खड़ी थी। लड़की उस कार वाले से बार-बार पैसे मांग रही थी और गोद में लिए बच्चे की तरफ इशारा कर रही थी। लेकिन कार वाला पैसे देने से मना कर रहा था। तभी लड़की ने अपनी जेब से कुछ निकाला और कार वाले को दिखाया। फिर उसे वापस अपनी जेब में रख लिया।
कुछ देर बाद वह मेरी कार के पास आई और पैसे मांगने लगी। मैंने उत्सुकतावश पूछ लिया, “अभी तुमने उस कार वाले को क्या दिखाया था?”
उसने बड़े सहज अंदाज में जवाब दिया, “वो कह रहे थे कि खुले पैसे नहीं हैं। मैंने कहा कि ऑनलाइन कर दीजिए। मैं अपने QR कोड पर पैसे डलवा रही थी। आपके पास भी खुले पैसे न हों तो स्कैन करके भेज दीजिए!
यह सुनकर मैं कुछ पल के लिए सोच में पड़ गया।
मैंने अपनी कार के डैशबोर्ड पर रखे 20 रुपये उसे दे दिए। लेकिन मन में एक ही विचार आया—डिजिटल इंडिया की पहुंच देखिए! अब ट्रैफिक सिग्नल पर भी भीख मांगने वाले QR कोड लेकर घूम रहे हैं।
कभी जेब में छुट्टे पैसे न होने पर लोग मदद नहीं कर पाते थे, लेकिन अब UPI ने पैसे देने का तरीका ही बदल दिया है।
तकनीक कितनी तेजी से हमारी जिंदगी में बदलाव ला रही है, इसका यह एक अनोखा उदाहरण है।
सवाल बस इतना है—डिजिटल इंडिया की यह तस्वीर आपको विकास की निशानी लगती है या समाज की किसी गहरी समस्या की ओर इशारा करती है?
