डिजिटल पहल: लखनऊ में 'मां एवं शिशु स्वास्थ्य के लिए योग' विशेष पुस्तिका का गरिमामय विमोचन

Digital Initiative: Dignified launch of the special booklet 'Yoga for Maternal and Child Health' in Lucknow.
 
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लखनऊ डेस्क (अमृत उजाला): उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य को सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। बाल विकास सेवा एवं पुष्टाहार (ICDS) लखनऊ और सेसमी वर्कशॉप इंडिया ट्रस्ट के संयुक्त तत्वावधान में ‘मां एवं शिशु स्वास्थ्य के लिए योग’ नामक एक विशेष मार्गदर्शिका (पुस्तिका) का विमोचन किया गया। विकास भवन स्थित जिला कार्यक्रम अधिकारी कार्यालय में आयोजित एक विशेष कार्यक्रम के दौरान लखनऊ के जिला कार्यक्रम अधिकारी (DPO) श्रेयस मौर्य द्वारा इस पुस्तिका का लोकार्पण संपन्न हुआ।

सेहतमंद आदतें' कार्यक्रम के तहत अभिनव प्रयास

यह अनूठी पहल ‘सेहतमंद आदतें’ (हेल्दी हैबिट्स) कार्यक्रम के अंतर्गत संचालित की जा रही है, जिसे वैश्विक स्तर की प्रतिष्ठित हेल्थकेयर कंपनी 'एबॉट' (Abbott) का सहयोग प्राप्त है।

  • लक्षित समूह: यह पुस्तिका विशेष रूप से गर्भवती महिलाओं, नवजात की देखभाल करने वाली माताओं, किशोरियों और 3 से 6 वर्ष के बच्चों की शारीरिक व मानसिक आवश्यकताओं को ध्यान में रखकर तैयार की गई है।

  • विशेषताएं: पुस्तिका में शामिल सभी योग अभ्यास पूरी तरह से सुरक्षित, वैज्ञानिक और व्यावहारिक हैं, जिन्हें आसानी से दैनिक जीवन का हिस्सा बनाया जा सकता है।

लॉन्चिंग के इस विशेष अवसर पर सेसमी वर्कशॉप इंडिया ट्रस्ट के लखनऊ संभाग के प्रोग्राम कोऑर्डिनेटर आशीष शुक्ला सहित संस्था के कई अन्य प्रतिनिधि भी मुख्य रूप से उपस्थित रहे।

आंगनवाड़ी केंद्रों के माध्यम से घर-घर पहुंचेगा योग का संदेश

पुस्तिका का अनावरण करते हुए जिला कार्यक्रम अधिकारी (ICDS) श्रेयस मौर्य ने इसके महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहायोग भारत की एक अमूल्य और प्राचीन विरासत है, जो एक स्वस्थ एवं संतुलित जीवन शैली का मुख्य आधार है। 'मां एवं शिशु स्वास्थ्य के लिए योग' पुस्तिका के जरिए हमारा लक्ष्य योग के इन वैज्ञानिक लाभों को जमीनी स्तर पर संचालित आंगनवाड़ी केंद्रों के माध्यम से समाज के अंतिम छोर पर खड़े परिवारों और माताओं तक पहुंचाना है।"इस कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने योग को न केवल शारीरिक स्वास्थ्य, बल्कि पोषण, मानसिक सुदृढ़ता और बच्चों के समग्र विकास से जोड़ते हुए इसके संदेश को हर घर तक पहुंचाने की आवश्यकता पर विशेष बल दिया।

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