'रश्मिरथी' के हीरक जयंती वर्ष पर लखनऊ में गूँजी दिनकर की ओजस्वी वाणी: राजकीय जुबली इण्टर कॉलेज में जिला स्तरीय प्रतियोगिताओं का सफल आयोजन
साहित्यिक संगम: 20 विद्यालयों के छात्र हुए शामिल
कार्यक्रम में लखनऊ जिले के 20 प्रतिष्ठित विद्यालयों के कुल 87 छात्र-छात्राओं ने पूरे उत्साह के साथ प्रतिभाग किया। आयोजन के अंतर्गत छात्रों की रचनात्मकता और तार्किक क्षमता को परखने के लिए तीन प्रमुख प्रतियोगिताएं आयोजित की गईं:
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निबन्ध प्रतियोगिता
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वाद-विवाद प्रतियोगिता
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पोस्टर एवं स्लोगन प्रतियोगिता
दीप प्रज्ज्वलन और ओजमयी शुरुआत
कार्यक्रम का औपचारिक शुभारंभ नोडल अधिकारी एवं राजकीय जुबली इण्टर कॉलेज के प्रधानाचार्य डॉ. आशुतोष कुमार सिंह ने बिहार सरकार शिक्षा बोर्ड से आए प्रतिनिधि मंडल के साथ दीप प्रज्ज्वलित कर किया। पूरे दिन विद्यालय का सभागार दिनकर जी की अमर पंक्तियों जैसे— "मानव जब जोर लगाता है, पत्थर पानी बन जाता है" से गुंजायमान रहा, जिससे छात्रों में अद्भुत उत्साह देखने को मिला।
प्रतियोगिताओं के परिणाम: मेधावियों ने मारी बाजी
कड़ी प्रतिस्पर्धा के बीच निर्णायक मंडल (जिसमें श्रीमती शशिकला, श्रीमती मोनिका सिंह, श्री सत्य सिंह सहित अन्य अनुभवी शिक्षक शामिल रहे) ने विजेताओं की घोषणा की:
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वाद-विवाद प्रतियोगिता: राजकीय बालिका इंटर कॉलेज, नरही की छात्राओं का दबदबा रहा। कुमारी खुशी (पक्ष) और कुमारी महिमा मौर्य (विपक्ष) में प्रथम विजेता रहीं।
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निबन्ध प्रतियोगिता: राजकीय जुबली इंटर कॉलेज के प्रिंस विश्वकर्मा ने प्रथम स्थान प्राप्त किया।
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पोस्टर मेकिंग: राजकीय जुबली इंटर कॉलेज के ही ब्रुमेश जाॅय पोस्टर प्रतियोगिता के विजेता बने।
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स्लोगन प्रतियोगिता: सेंट क्लेयर इण्टर कॉलेज की इंशरा काजमी ने प्रथम स्थान हासिल किया।
सफल संयोजन और आभार
कार्यक्रम के मंच संचालन का उत्तरदायित्व डॉ. वसुंधरा सक्सेना ने अत्यंत कुशलता से निभाया। अंत में, कार्यक्रम प्रभारी डॉ. गीता वर्मा ने सभी अतिथियों, शिक्षकों और प्रतिभागियों का आभार व्यक्त करते हुए परिणामों की आधिकारिक घोषणा की।
