खोज एक यात्रा: जब मंच पर नृत्य और उपनिषदों के अध्यात्म का हुआ अनूठा संगम
लखनऊ के कैसरबाग स्थित राय उमानाथ बली प्रेक्षागृह में हाल ही में एक ऐसी सांस्कृतिक शाम सजी, जिसने दर्शकों को गहरे आत्मचिंतन और भारतीय दर्शन की यात्रा पर जाने के लिए मजबूर कर दिया। स्काईहॉप प्रोफेशनल डांस इंस्टिट्यूट की ओर से प्रस्तुत डांस ड्रामा “खोज – एक यात्रा” ने नृत्य और अभिनय के माध्यम से उपनिषदों की गूढ़ चेतना को जीवंत कर दिया।
इस अद्वितीय प्रस्तुति ने न केवल कला प्रेमियों का दिल जीता, बल्कि आत्मा, चेतना और जीवन के वास्तविक अर्थों को मंच पर बेहद खूबसूरती से उकेरा।
नृत्य और दर्शन का अद्भुत तालमेल
यह डांस ड्रामा पूरी तरह से भारतीय उपनिषदों और सनातन दर्शन से प्रेरित था। कार्यक्रम की खासियत इसका फ्यूजन रहा, जहाँ पारंपरिक भारतीय नृत्य और समकालीन (Contemporary) शैलियों का एक बेहद खूबसूरत संगम देखने को मिला। कलाकारों के भावों, मंत्रमुग्ध कर देने वाले संगीत और बेहतरीन मंच संयोजन (Stage Management) ने दर्शकों को आदि से अंत तक बांधे रखा।
क्रिएटिव टीम और मुख्य कलाकार
इस सफल और प्रभावशाली प्रस्तुति के पीछे एक बेहतरीन टीम की कड़ी मेहनत रही:
-
लेखन: दिव्या उपाध्याय
-
कोरियोग्राफी: आकाश राजपूत और दिव्या उपाध्याय
-
मुख्य आकर्षण: मशहूर भरतनाट्यम नृत्यांगना सौम्या वर्मा की मनमोहक मुद्राएं और थिरकते कदम दर्शकों के लिए मुख्य आकर्षण रहे, जिन्होंने नृत्य के जरिए जीवन की खोज को जीवंत कर दिया।
मंच पर जादू बिखेरने वाले अन्य कलाकार: आकाश राजपूत, दिव्या उपाध्याय, गहना जैन, नितिन पवार, रोशनी यादव, श्रेया अग्रहरि, आराध्या श्रीवास्तव, आद्या द्विवेदी, आव्या अग्रवाल, तनिषा, पूर्वी गोविंद, ऊर्वी, दिनेश मौर्य, कृतिश धवल, अभिध्या गुप्ता, सान्वी तिवारी, श्रेया मौर्य और रोहित उपाध्याय। सभी कलाकारों के ऊर्जावान अभिनय और भावपूर्ण अभिव्यक्तियों को दर्शकों की खूब सराहना मिली।
45 दिनों की कड़ी मेहनत लाई रंगयह सिर्फ एक सांस्कृतिक कार्यक्रम नहीं था, बल्कि एक आत्मिक और आध्यात्मिक अनुभूति थी।" — प्रेक्षागृह में मौजूद दर्शक
इस भव्य शो को तैयार करने के लिए पूरी टीम पिछले 45 दिनों से लगातार कठिन अभ्यास कर रही थी। उनकी यह तपस्या मंच पर साफ दिखाई दी। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में शहर की सांस्कृतिक हस्तियां, कला प्रेमी और विशेष रूप से युवा वर्ग मौजूद रहा, जिन्होंने खड़े होकर (Standing Ovation) कलाकारों का उत्साहवर्धन किया। स्काईहॉप प्रोफेशनल डांस इंस्टिट्यूट का यह प्रयास साबित करता है कि युवा पीढ़ी आज भी भारतीय दर्शन और कला की जड़ों से बेहद गहराई से जुड़ी हुई है।


