दिशा सालियान मामले में आदित्य ठाकरे और अनिल देशमुख को 500 करोड़ का कानूनी नोटिस
मुंबई, 17 सितंबर। दिवंगत अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत की पूर्व मैनेजर दिशा सालियान की मौत का मामला एक बार फिर चर्चा में है। दिशा के पिता सतीश सालियान ने शिवसेना (यूबीटी) नेता आदित्य ठाकरे और एनसीपी (एसपी) नेता अनिल देशमुख को 500 करोड़ रुपये के हर्जाने का कानूनी नोटिस भेजा है। नोटिस में आरोप लगाया गया है कि दोनों नेताओं के बयानों के जरिए सतीश सालियान की अपनी बेटी की मौत की दोबारा जांच की मांग को राजनीतिक रूप से प्रेरित बताने का प्रयास किया गया।
कानूनी नोटिस में 500 करोड़ रुपये की क्षतिपूर्ति के साथ दोनों नेताओं से बिना शर्त लिखित और सार्वजनिक माफी मांगने की बात कही गई है। यह मामला ऐसे समय सामने आया है, जब दिशा सालियान की 2020 में हुई मौत की जांच सीबीआई द्वारा शुरू की जा चुकी है।
नोटिस में क्या आरोप लगाए गए?
सतीश सालियान की ओर से भेजे गए नोटिस में आरोप लगाया गया है कि आदित्य ठाकरे ने उनके न्याय की मांग वाले प्रयासों के इरादे पर सवाल उठाए और इसे राजनीतिक तथा दुर्भावनापूर्ण प्रयास के तौर पर पेश किया। नोटिस में इसे उनकी प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाने वाला बताया गया है।
नोटिस में यह भी आरोप लगाया गया है कि आदित्य ठाकरे ने यह दावा किया कि सीबीआई पहले ही दिशा सालियान मामले की जांच कर चुकी है और उन्हें क्लीन चिट दे चुकी है। नोटिस के मुताबिक, अनिल देशमुख ने भी ऐसे दावों का समर्थन किया था।
सतीश सालियान ने दोनों नेताओं से सार्वजनिक रूप से माफी मांगने की मांग की है। रिपोर्टों के अनुसार, नोटिस में माफी को प्रमुख प्रिंट, टेलीविजन और डिजिटल मीडिया प्लेटफॉर्म पर प्रकाशित एवं प्रसारित करने तथा संबंधित नेताओं के सोशल मीडिया अकाउंट पर वीडियो के रूप में जारी करने की मांग भी शामिल है।
2025 के बयान का भी नोटिस में उल्लेख
कानूनी नोटिस में 23 मार्च 2025 को अनिल देशमुख की ओर से दिए गए कथित बयान का भी उल्लेख किया गया है। नोटिस के अनुसार, देशमुख ने दिशा सालियान मामले को आदित्य ठाकरे को बदनाम करने की साजिश बताया था। सतीश सालियान ने आरोप लगाया है कि इस तरह के बयानों से उनकी न्याय की मांग को गलत तरीके से राजनीतिक रंग दिया गया।
आदित्य ठाकरे ने आरोपों से किया इनकार
आदित्य ठाकरे ने दिशा सालियान से किसी भी परिचय या मुलाकात से इनकार किया है। 16 सितंबर को सोशल मीडिया पोस्ट में उन्होंने कहा कि वह दिशा सालियान से कभी नहीं मिले और न ही उन्हें जानते थे। उन्होंने अपने खिलाफ लगाए जा रहे आरोपों को बिना सबूत बताया और कहा कि मामले की आधिकारिक दोबारा जांच को आगे बढ़ने दिया जाना चाहिए।
सीबीआई ने दर्ज की एफआईआर, जांच जारी
दिशा सालियान की मौत 8 जून 2020 को मुंबई के मलाड इलाके में एक ऊंची इमारत से गिरने के बाद हुई थी। शुरुआती स्तर पर मुंबई पुलिस ने इसे आकस्मिक मौत के रूप में दर्ज किया था। बाद में उनके पिता ने मामले में नए सिरे से जांच की मांग की।
बॉम्बे हाईकोर्ट के निर्देश के बाद सीबीआई ने सितंबर 2026 में मामले में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की है। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार, एफआईआर में आपराधिक साजिश, हत्या, सामूहिक दुष्कर्म, सबूत मिटाने और सरकारी रिकॉर्ड से संबंधित धाराओं का उल्लेख है। हालांकि, हाईकोर्ट के निर्देश के मुताबिक जांच के इस चरण में किसी व्यक्ति को दोषी नहीं माना जा सकता और जांच में सामने आने वाले साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई तय होगी। दिशा सालियान मामले में सीबीआई की जांच अभी जारी है और कानूनी नोटिस में लगाए गए आरोप तथा संबंधित पक्षों के दावे जांच एवं न्यायिक प्रक्रिया के अधीन हैं।
