जय नारायण मिश्र महाविद्यालय में ‘दिव्यांकुर 2026’ का शुभारंभ, युवाओं की प्रतिभा को मिलेगा मंच
लखनऊ विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. जेपी सैनी ने किया उद्घाटन, बोले- सांस्कृतिक प्रतियोगिताएं विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास में निभाती हैं अहम भूमिका
लखनऊ, 3 नवंबर 2026। श्री जय नारायण मिश्र महाविद्यालय, लखनऊ में 24वीं वार्षिक अंतरमहाविद्यालयी युवा सांस्कृतिक प्रतियोगिता ‘दिव्यांकुर 2026’ का शुभारंभ सोमवार को दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ। कार्यक्रम का उद्घाटन मुख्य अतिथि लखनऊ विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. जेपी सैनी ने किया। दो दिवसीय इस आयोजन में विभिन्न महाविद्यालयों और विश्वविद्यालयों के छात्र-छात्राएं अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर रहे हैं।

उद्घाटन समारोह को संबोधित करते हुए प्रो. जेपी सैनी ने कहा कि सांस्कृतिक कार्यक्रमों में विद्यार्थियों की उत्साहपूर्ण भागीदारी शुभ संकेत है। ऐसी प्रतियोगिताएं छात्र-छात्राओं में छिपी प्रतिभा और विशिष्ट गुणों को सामने लाने के साथ उनके सर्वांगीण विकास में भी मदद करती हैं। उन्होंने महाविद्यालय के शैक्षणिक एवं सांस्कृतिक वातावरण की सराहना की और विश्वविद्यालय की ओर से आवश्यक सहयोग जारी रखने का आश्वासन दिया।

उन्होंने महाविद्यालय के प्रबंधन और प्रशासन को सुझाव दिया कि 100 वर्ष पुराने इस संस्थान में रोजगार और युवाओं की अपेक्षाओं के अनुरूप पाठ्यक्रमों की संख्या बढ़ाई जाए। उनके अनुसार, महाविद्यालय में युवाओं की जरूरतों को पूरा करने की पर्याप्त संभावनाएं मौजूद हैं।

महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. के.के. शुक्ल ने अतिथियों का स्वागत किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता महाविद्यालय प्रबंध समिति के अध्यक्ष एवं सेवानिवृत्त आईपीएस अधिकारी वी.एन. मिश्र ने की। उन्होंने प्रतिभागी छात्र-छात्राओं को शुभकामनाएं देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

महाविद्यालय सांस्कृतिक समिति की संयोजक प्रो. अलका शर्मा ने दो दिनों तक चलने वाली प्रतियोगिताओं की रूपरेखा प्रस्तुत की। कार्यक्रम का संचालन डॉ. देविका शुक्ला ने किया, जबकि समापन अवसर पर डॉ. अनामिका सक्सेना ने अतिथियों, प्रतिभागियों और आयोजन से जुड़े सभी लोगों के प्रति आभार व्यक्त किया।

पहले दिन विभिन्न विधाओं में दिखी प्रतिभा
प्रतियोगिता के पहले दिन स्टॉल डेकोरेशन, वाद-विवाद, पेंटिंग, कहानी लेखन, एकल गायन, क्विज, शॉर्ट फिल्म एवं डॉक्यूमेंट्री, भारतीय परिधान उत्सव, मटकी सजावट और स्वरचित काव्य सहित कई विधाओं की प्रतियोगिताएं आयोजित की गईं।

कार्यक्रम की शुरुआत कसक और शुभम की कृष्ण भक्ति से ओतप्रोत गीतों की प्रस्तुति से हुई। उनकी गायकी ने उपस्थित लोगों को भावविभोर कर दिया। वहीं, एनसीसी टीम ने ‘रक्तबीज’ शीर्षक से प्रभावशाली प्रस्तुति देकर दर्शकों को झकझोर दिया।

इस अवसर पर प्रबंध समिति के सदस्य माधव लखमानी, प्रो. एस.पी. शुक्ला, प्रो. एस.सी. हजेला, प्रो. एस.के. चौहान सहित विभिन्न महाविद्यालयों एवं विश्वविद्यालयों से आए प्रतिभागी छात्र-छात्राएं और अन्य अतिथि बड़ी संख्या में मौजूद रहे।
