जनता की समस्या पर डीएम का ‘डायरेक्ट एक्शन’, फोन कर पूछा—काम हुआ या नहीं?
डीएम ने खुद किया शिकायतकर्ताओं से संपर्क
समाधान दिवस की गंभीरता को दर्शाते हुए जिलाधिकारी ने पिछले प्रकरणों के रजिस्टर का गहन अवलोकन किया। इसके बाद उन्होंने रैंडम आधार पर कई शिकायतकर्ताओं को फोन कर सीधे संवाद किया और यह जाना कि संबंधित अधिकारियों ने वास्तव में समस्या का समाधान किया है या नहीं। डीएम ने दो टूक कहा कि आम नागरिकों को अपनी समस्याओं के लिए दफ्तरों के चक्कर न लगाने पड़ें, यह सुनिश्चित करना अधिकारियों की जिम्मेदारी है।
भूमि विवादों पर सख्त निर्देश
भूमि विवाद और राजस्व से जुड़े मामलों पर जिलाधिकारी ने राजस्व और पुलिस की संयुक्त टीम को मौके पर जाकर निष्पक्ष कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने चेतावनी दी कि सरकारी भूमि पर किसी भी प्रकार का अवैध कब्जा बर्दाश्त नहीं किया जाएगा, और इसकी नियमित निगरानी संबंधित विभागों को अनिवार्य रूप से करनी होगी।
अन्य तहसीलों में भी समाधान दिवस
तुलसीपुर के साथ-साथ बलरामपुर और उतरौला तहसील में भी सम्पूर्ण समाधान दिवस का आयोजन किया गया, जहां अधिकारियों ने जनता की शिकायतें सुनीं और उनके त्वरित निस्तारण की प्रक्रिया शुरू की।
अधिकारी रहे मौजूद
तुलसीपुर में आयोजित समाधान दिवस में एसडीएम, सीओ, जिला विकास अधिकारी, मुख्य चिकित्सा अधिकारी सहित विभिन्न विभागों के जनपद स्तरीय अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

