Doha Diamond League: स्टार एथलीट नीरज चोपड़ा की धमाकेदार वापसी, दूसरे ही थ्रो में कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 के लिए किया क्वालीफाई
भारत के दिग्गज भाला फेंक (जैवलिन थ्रो) एथलीट और दो बार के ओलंपिक पदक विजेता नीरज चोपड़ा ने चोट से उबरने के बाद खेल के मैदान पर शानदार वापसी की है। पीठ की गंभीर चोट (Back Injury) के कारण लगभग एक साल तक एक्शन से दूर रहने वाले नीरज ने दोहा डायमंड लीग में उतरकर न सिर्फ अपनी फिटनेस साबित की, बल्कि आगामी कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 के लिए भी टिकट पक्का कर लिया है।
नीरज चोपड़ा ने इस इवेंट में अपने दूसरे प्रयास में 82.77 मीटर का थ्रो फेंककर सीडब्ल्यूजी (CWG) 2026 के क्वालिफिकेशन मार्क (82.61 मीटर) को आसानी से पार कर लिया।
चोट के बाद वापसी और पहले थ्रो का फाउल
पीठ की चोट के कारण लंबे समय तक मैदान से बाहर रहने वाले नीरज चोपड़ा इस बड़े इवेंट से ठीक पहले 25 मई से स्विट्जरलैंड में कड़ा अभ्यास कर रहे थे। दोहा डायमंड लीग में हिस्सा लेने का फैसला उन्होंने आखिरी समय पर लिया था, जिसके चलते खेल प्रेमियों की नजरें उनकी फिटनेस और फॉर्म पर टिकी हुई थीं।
इवेंट की शुरुआत नीरज के लिए मनमुताबिक नहीं रही और उनका पहला थ्रो फाउल हो गया। हालांकि, दबाव के क्षणों में उन्होंने बेहतरीन वापसी की और दूसरे थ्रो में अपनी पुरानी झलक दिखाते हुए सीधे कॉमनवेल्थ गेम्स के लिए क्वालीफाई कर लिया।
तीसरे थ्रो में दिखा असली जलवा, इवेंट में रहे चौथे स्थान पर
नीरज चोपड़ा का असली फॉर्म इवेंट के तीसरे राउंड में देखने को मिला, जब उन्होंने भाले को 85.69 मीटर की दूरी पर फेंका। यह इस मुकाबले में उनका सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन रहा। सीडब्ल्यूजी का टिकट सुरक्षित करने के बाद नीरज ने आखिरी थ्रो में ज्यादा जोखिम नहीं उठाया और संभलकर प्रदर्शन किया:
-
उनका चौथा थ्रो 83.45 मीटर का रहा।
-
पांचवां थ्रो एक बार फिर फाउल रहा।
इसी के साथ पांचवें राउंड की समाप्ति पर नीरज चोपड़ा तालिका में चौथे स्थान पर रहे और दोहा डायमंड लीग में उनका सफर समाप्त हुआ। वहीं, इस सीजन में शानदार फॉर्म में चल रहे श्रीलंका के रुमेश पाथिरांगे ने अपने चौथे थ्रो में 88.68 मीटर की विशाल दूरी तय कर पहली पोजीशन (शीर्ष स्थान) पर कब्जा जमाया।
एशियन गेम्स से पहले फिटनेस का बड़ा सबूत
हाल ही में घोषित हुए आगामी एशियन गेम्स (Asian Games) के भारतीय एथलीट स्क्वाड में भी नीरज चोपड़ा को शामिल किया गया है। ऐसे में दोहा डायमंड लीग का यह प्रदर्शन उनके प्रशंसकों और भारतीय एथलेटिक्स महासंघ के लिए बड़ी राहत लेकर आया है। भले ही वे पोडियम फिनिश (टॉप 3) से चूक गए हों, लेकिन उनकी फिटनेस और रिदम को देखकर यह साफ है कि गोल्डन बॉय बहुत जल्द अपने पुराने विश्वस्तरीय फॉर्म में पूरी तरह नजर आने वाले हैं।
