डॉ. अंकुर सक्सेना और डॉ. जौली सक्सेना ने चिकित्सक व अध्यापक सदस्य पदों के लिए दाखिल किया नामांकन
20 वर्षों से अधिक का अनुभव, चिकित्सक एवं शिक्षक समुदाय के हितों और अधिकारों के लिए कार्य करने की प्रतिबद्धता
ब्यूरो चीफ आर.एल. पाण्डेय
लखनऊ, 11 अक्टूबर 2026। आयुर्वेदिक चिकित्सा एवं शिक्षा के क्षेत्र में दो दशकों से अधिक का अनुभव रखने वाले डॉ. अंकुर सक्सेना और डॉ. जौली सक्सेना ने रविवार को अपने-अपने निर्धारित पदों के लिए नामांकन दाखिल किया। दोनों ने आयुर्वेदिक तथा यूनानी तिब्बी चिकित्सा पद्धति बोर्ड, उत्तर प्रदेश में चिकित्सक एवं अध्यापक समुदाय का प्रतिनिधित्व करने के उद्देश्य से अपनी दावेदारी प्रस्तुत की। इस अवसर पर बड़ी संख्या में चिकित्सक, शिक्षक और समर्थक मौजूद रहे तथा उन्होंने दोनों को शुभकामनाएं दीं।
डॉ. अंकुर सक्सेना ने चिकित्सक सदस्य पद के लिए किया नामांकन
डॉ. अंकुर सक्सेना वर्तमान में गोयल आयुर्वेदिक मेडिकल कॉलेज एवं हॉस्पिटल, लखनऊ के रोग निदान एवं विकृति विज्ञान विभाग में एसोसिएट प्रोफेसर के पद पर कार्यरत हैं। उन्होंने आयुर्वेदिक तथा यूनानी तिब्बी चिकित्सा पद्धति बोर्ड, उत्तर प्रदेश में चिकित्सक सदस्य पद के लिए लखनऊ, फैजाबाद सहित देवीपाटन मंडल से अपना नामांकन दाखिल किया।
चिकित्सा क्षेत्र में 20 वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले डॉ. अंकुर सक्सेना ने चिकित्सकों की व्यावसायिक चुनौतियों और समस्याओं को उचित मंच पर उठाने की प्रतिबद्धता जताई। उन्होंने कहा कि चिकित्सक समुदाय के हितों, सम्मान और अधिकारों से जुड़े विषयों पर निरंतर प्रयास करना आवश्यक है।
डॉ. जौली सक्सेना ने अध्यापक सदस्य पद के लिए पेश की दावेदारी
डॉ. जौली सक्सेना गोयल आयुर्वेदिक मेडिकल कॉलेज एवं हॉस्पिटल, लखनऊ के रसशास्त्र विभाग में विभागाध्यक्ष एवं प्रोफेसर के पद पर कार्यरत हैं। उन्होंने उत्तर प्रदेश के विधि द्वारा स्थापित विश्वविद्यालयों से संबद्ध आयुर्वेदिक शैक्षणिक संस्थानों के अध्यापक सदस्य पद के लिए अपना नामांकन प्रस्तुत किया।
शैक्षणिक एवं चिकित्सा क्षेत्र में दो दशकों से अधिक का अनुभव रखने वाली डॉ. जौली सक्सेना ने आयुर्वेदिक शिक्षकों की व्यावसायिक और संस्थागत समस्याओं को प्रभावी ढंग से उठाने की प्रतिबद्धता व्यक्त की। उन्होंने शिक्षक समुदाय के हितों, सम्मान और शैक्षणिक विकास से जुड़े मुद्दों को उचित मंच तक पहुंचाने पर जोर दिया।
चिकित्सकों और शिक्षकों के हितों के लिए काम करने का संकल्प
डॉ. अंकुर सक्सेना और डॉ. जौली सक्सेना ने निदेशक, आयुर्वेद सेवाएं, उत्तर प्रदेश एवं रिटर्निंग ऑफिसर, आयुर्वेदिक तथा यूनानी तिब्बी चिकित्सा पद्धति बोर्ड, उत्तर प्रदेश, लखनऊ के समक्ष अपने-अपने नामांकन पत्र दाखिल किए।
दोनों ने अपने अनुभव के आधार पर चिकित्सकों और शिक्षकों की समस्याओं को समझने तथा उनके समाधान के लिए प्रयास करने का संकल्प व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि चिकित्सक एवं शिक्षक समुदाय के हितों, सम्मान और अधिकारों से जुड़े मुद्दों को संबंधित मंचों पर उठाने के लिए वे निरंतर प्रयासरत रहेंगे।
नामांकन के दौरान चिकित्सक और शिक्षक रहे मौजूद
नामांकन के अवसर पर डॉ. संकल्प सिंह, डॉ. पवन कुमार, डॉ. अविधा सिंह, डॉ. सौरभ तिवारी, डॉ. सुरेंद्र कुमार, डॉ. अवधेश बरनवाल, डॉ. रंजना राजपूत, डॉ. अनुपम शुक्ला, डॉ. बिनय कुमार पांडे, डॉ. दीपक सुधी, डॉ. पद्मजा पी.आर., डॉ. गौरव राजपूत, डॉ. विनय, डॉ. पंकज शुक्ला, डॉ. विजय प्रताप सिंह, डॉ. श्वेता यादव, डॉ. कौशलेन्द्र प्रताप सिंह और डॉ. अभिषेक शुक्ला सहित अनेक चिकित्सक, शिक्षक एवं समर्थक उपस्थित रहे।
उपस्थित लोगों ने डॉ. अंकुर सक्सेना और डॉ. जौली सक्सेना को शुभकामनाएं देते हुए चिकित्सक एवं शिक्षक समुदाय के बेहतर प्रतिनिधित्व, आपसी सहयोग और हितों की प्रभावी पैरवी की आवश्यकता पर जोर दिया।
