राष्ट्रीय कुर्मी क्षत्रिय महासभा के 'राष्ट्रीय रणनीतिकार' नियुक्त हुए डॉ. अतुल मलिकराम; समाज के सशक्तिकरण का लिया संकल्प
भोपाल | मार्च 2026 राष्ट्रीय कुर्मी क्षत्रिय महासभा ने संगठन को नई वैचारिक दिशा और मजबूती देने के लिए एक बड़ा निर्णय लिया है। सामाजिक सेवा और राजनीतिक रणनीति के क्षेत्र में लंबा अनुभव रखने वाले डॉ. अतुल मलिकराम को महासभा का 'राष्ट्रीय रणनीतिकार' नियुक्त किया गया है। डॉ. मलिकराम के व्यापक विजन और संगठनात्मक कौशल को देखते हुए यह जिम्मेदारी सौंपी गई है, जिसका मुख्य उद्देश्य समाज को राष्ट्रीय स्तर पर अधिक संगठित, शिक्षित और आत्मनिर्भर बनाना है।
रणनीतिक दृष्टिकोण से होगा चुनौतियों का समाधान
नियुक्ति पत्र जारी करते हुए राष्ट्रीय महासचिव अधिवक्ता राघव पटेल और राष्ट्रीय सचिव कैलाश गौर ने डॉ. मलिकराम की क्षमताओं पर भरोसा जताया। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में समाज के सामने शिक्षा, युवाओं के लिए अवसर और ग्रामीण विकास जैसी कई चुनौतियां हैं। डॉ. मलिकराम का अनुभव इन मुद्दों को सुलझाने और समाज के असल सरोकारों को प्रकाश में लाने में मील का पत्थर साबित होगा।
युवाओं और महिलाओं के स्वावलंबन पर जोर
अपनी नियुक्ति पर आभार व्यक्त करते हुए डॉ. अतुल मलिकराम ने समाज के समग्र विकास के लिए अपना विजन साझा किया। उन्होंने कहा:
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गौरवशाली इतिहास: "कुर्मी क्षत्रिय समाज का इतिहास बेहद समृद्ध रहा है। मेरा लक्ष्य समाज के हर वर्ग को जोड़कर विकास की एक समावेशी योजना पर काम करना है।"
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स्वरोजगार: विशेष रूप से युवाओं के लिए उद्यमिता (Entrepreneurship) और स्वरोजगार के नए मार्ग खोलने पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा।
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कौशल विकास: मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, बिहार, राजस्थान और छत्तीसगढ़ जैसे राज्यों में फैले समाज को एक मंच पर लाना और महिलाओं को व्यावसायिक प्रशिक्षण के जरिए आत्मनिर्भर बनाना प्राथमिकता होगी।
अनुभव की विरासत
डॉ. अतुल मलिकराम लंबे समय से 'बीइंग रिस्पॉन्सिबल', '2030 का भारत' और सटीक राजनीतिक विश्लेषणों के माध्यम से समाज सेवा में सक्रिय रहे हैं। बुजुर्गों की सेवा और पर्यावरण संरक्षण जैसे क्षेत्रों में उनके कार्यों को देखते हुए समाज के विभिन्न वर्गों ने उनकी इस नई नियुक्ति का स्वागत किया है।
महासभा को विश्वास है कि डॉ. मलिकराम के नेतृत्व और रणनीतिक कार्यक्षमता से संगठन न केवल मजबूत होगा, बल्कि समाज की अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक कल्याणकारी नीतियों की पहुँच सुनिश्चित हो सकेगी। डॉ. अतुल मलिकराम की यह नियुक्ति राष्ट्रीय कुर्मी क्षत्रिय महासभा के लिए एक नए युग की शुरुआत मानी जा रही है, जहाँ परंपरा और आधुनिक रणनीतियों के मेल से समाज के सशक्तिकरण का मार्ग प्रशस्त होगा।
