गोयल इंस्टीट्यूट ऑफ फार्मास्युटिकल साइंसेज में नशा मुक्ति जागरूकता अभियान आयोजित
यह कार्यक्रम संस्थान के चेयरमैन इंजी. महेश गोयल के मार्गदर्शन एवं निदेशक डॉ. करुणा शंकर शुक्ला के निर्देशन में संपन्न हुआ। इस अवसर पर फार्मेसी विभागाध्यक्ष डॉ. वंदना सिंह ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए नशे से होने वाले शारीरिक, मानसिक, सामाजिक और आर्थिक नुकसान की विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने युवाओं से अनुशासित जीवनशैली अपनाने, नशे से दूर रहने और समाज में जागरूकता फैलाने का आह्वान किया।
कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों को बताया गया कि नशा न केवल व्यक्ति के स्वास्थ्य को प्रभावित करता है, बल्कि परिवार और समाज पर भी इसका गंभीर प्रभाव पड़ता है। वक्ताओं ने युवाओं से अपील की कि वे स्वयं नशे से दूर रहें और दूसरों को भी इसके दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करें, ताकि नशामुक्त भारत के निर्माण में अपनी सक्रिय भूमिका निभा सकें।

इस अवसर पर नदीम सिद्दीकी, डॉ. श्वेता सिन्हा, वेद प्रकाश तिवारी सहित महाविद्यालय के अन्य शिक्षक एवं स्टाफ सदस्य भी उपस्थित रहे। सभी ने अभियान में सक्रिय भागीदारी निभाई और विद्यार्थियों के साथ मिलकर नशामुक्त समाज के निर्माण का संकल्प लिया।
कार्यक्रम के समापन पर महाविद्यालय प्रशासन ने कहा कि इस प्रकार के जागरूकता अभियान युवाओं को सकारात्मक दिशा देने के साथ-साथ समाज को नशे जैसी गंभीर समस्या से मुक्त करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। विद्यार्थियों की उत्साहपूर्ण सहभागिता के साथ कार्यक्रम का सफलतापूर्वक समापन हुआ।
