चाँद की यात्रा पर 'डल्कोलैक्स': नासा के आर्टेमिस II मिशन का हिस्सा बना यह भरोसेमंद भारतीय ब्रांड

'Dulcolax' on a Lunar Journey: This Trusted Indian Brand Becomes Part of NASA's Artemis II Mission
 
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लखनऊ डेस्क (आर एल पाण्डेय): अंतरिक्ष विज्ञान के क्षेत्र में नासा का आर्टेमिस II (Artemis II) मिशन एक नया इतिहास रचने जा रहा है। इस ऐतिहासिक मिशन के जरिए इंसान एक बार फिर चंद्रमा की कक्षा तक पहुँचने की तैयारी में है। 10 दिनों के इस चुनौतीपूर्ण सफर में अंतरिक्ष यात्रियों की सेहत और विशेषकर उनके पाचन स्वास्थ्य (Digestive Health) का विशेष ध्यान रखा गया है।

इस मिशन की सबसे दिलचस्प बात यह है कि भारत में ओपेला (Opella) ब्रांड का सुप्रसिद्ध उत्पाद डल्कोलैक्स (Dulcolax) इस सफर में अंतरिक्ष यात्रियों का साथी होगा।

अंतरिक्ष में क्यों जरूरी है डल्कोलैक्स?

अंतरिक्ष की यात्रा जितनी रोमांचक है, शरीर के लिए उतनी ही कठिन भी होती है। गुरुत्वाकर्षण (Gravity) की कमी के कारण शरीर की आंतरिक गतिविधियाँ बदल जाती हैं:

  • धीमी पाचन प्रक्रिया: गुरुत्वाकर्षण न होने से आंतों की हलचल सुस्त पड़ जाती है।

  • बदलता माइक्रोबायोम: विशेष आहार और सीमित शारीरिक गतिविधि के कारण अंतरिक्ष यात्रियों में कब्ज (Constipation) एक आम लेकिन गंभीर समस्या बन जाती है।

  • नासा का भरोसा: इन्हीं चुनौतियों को देखते हुए नासा ने डल्कोलैक्स को अपनी आधिकारिक मेडिकल लिस्ट और फर्स्ट एड किट में शामिल किया है।

भरोसे का वैश्विक प्रमाण

ओपोला इंडिया की डायरेक्टर (ब्रांड एंड इनोवेशन) नुपुर गुरबक्षानी ने इस उपलब्धि पर खुशी जाहिर करते हुए कहा, "नासा के मिशन का हिस्सा बनना हमारे उत्पाद की विश्वसनीयता का सबसे बड़ा प्रमाण है। यह दिखाता है कि हमारा समाधान घर से लेकर अंतरिक्ष तक समान रूप से प्रभावी और सुरक्षित है।"

डल्कोलैक्स की विशेषताएं:

  1. एकमात्र ब्रांड: इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन (ISS) पर लंबे समय से मौजूद यह एकमात्र ब्रांड है जो पेट फूलना और कठोर मल जैसी समस्याओं से राहत देता है।

  2. प्राकृतिक सक्रियता: इसकी बिसाकोडिल (Bisacodyl) टैबलेट्स पेट की प्राकृतिक हलचल को सक्रिय करती हैं।

  3. समयबद्ध परिणाम: यह दवा लगभग 6 घंटे में अपना असर दिखाना शुरू कर देती है।

  4. आदत मुक्त: अंतरिक्ष जैसे संवेदनशील वातावरण में इसका 'नॉन-एडिक्टिव' (आदत न पड़ने वाला) होना इसे सबसे भरोसेमंद बनाता है।

डल्कोलैक्स से 'डल्कोफ्लेक्स' तक का सफर

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि भारत में डल्कोलैक्स को साल 2017 में डल्कोफ्लेक्स (Dulcoflex) के नाम से रीब्रांड किया गया था। पृथ्वी पर तनाव, यात्रा या बदलती दिनचर्या के कारण होने वाली पाचन समस्याओं के लिए यह वर्षों से उपभोक्ताओं की पहली पसंद बना हुआ है।

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