DUSU Election Result 2026: कड़े मुकाबले में ABVP-NSUI आमने-सामने, अध्यक्ष पद पर बदलता रहा रुझान
नई दिल्ली। दिल्ली विश्वविद्यालय छात्रसंघ (DUSU) चुनाव 2026-27 के नतीजों के लिए शनिवार को मतगणना जारी रही। अध्यक्ष पद समेत चार केंद्रीय पदों के लिए ABVP, NSUI और अन्य छात्र संगठनों के उम्मीदवारों के बीच कड़ा मुकाबला देखने को मिला। दोपहर तक उपलब्ध मतगणना रुझानों में तस्वीर लगातार बदलती रही।
अध्यक्ष पद पर NSUI के विजय शंकर मीणा और ABVP के यश डबास के बीच मुकाबला बेहद करीबी रहा। 12वें राउंड के बाद मीणा 14,530 वोट के साथ आगे थे, जबकि यश डबास को 14,106 वोट मिले थे। इस चरण में मीणा की बढ़त 424 वोट की थी।
उपाध्यक्ष पद पर निर्दलीय दीपांशु शोकीन आगे
उपाध्यक्ष पद के लिए निर्दलीय उम्मीदवार दीपांशु शोकीन ने शुरुआती रुझानों से ही बढ़त बनाए रखी। 12वें राउंड के बाद उन्हें 18,933 वोट मिले थे। ABVP के इशू मौर्य 9,653 और NSUI के वीर छत्रथ 4,515 वोट के साथ पीछे थे।शोकीन के अभियान ने भी चुनाव के दौरान खास ध्यान आकर्षित किया। वह स्वतंत्र उम्मीदवार के तौर पर मैदान में थे और अपने प्रचार के दौरान नंगे पैर अभियान चलाने को लेकर भी चर्चा में रहे।
सचिव पद पर ABVP की रिया छावड़ी आगे
सचिव पद पर ABVP की रिया छावड़ी लगातार बढ़त में दिखाई दीं। 12वें राउंड के बाद उन्हें 12,046 वोट मिले थे, जबकि NSUI की नम्रता चौधरी को 9,355 वोट मिले थे।वहीं संयुक्त सचिव पद पर मुकाबला भी बेहद करीबी रहा। 12वें राउंड में NSUI के गोपाल चौधरी 9,867 वोट के साथ आगे थे। SCS के विशाल यादव को 9,526 और ABVP के लक्ष्य राज सिंह को 9,130 वोट मिले थे।
40 फीसदी से अधिक हुआ मतदान
DUSU के चार केंद्रीय पदों के लिए शुक्रवार को मतदान हुआ था। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार मतदान प्रतिशत 40.46 फीसदी रहा। यह पिछले दो वर्षों के मुकाबले अधिक था—2024 में 29.7 फीसदी और 2025 में 39.45 फीसदी मतदान दर्ज किया गया था।इस चुनाव में छात्र आवास, कैंपस सुविधाएं, सुरक्षा और छात्र कल्याण जैसे मुद्दे प्रमुख रहे। खासकर सत्य निकेतन में निजी छात्र आवास की इमारत गिरने की घटना के बाद सुरक्षित और किफायती छात्र आवास का मुद्दा चुनावी चर्चा में प्रमुखता से आया।
अंतिम नतीजे आने तक इंतजार
डूसू चुनाव की मतगणना कई चरणों में हुई और दोपहर तक अलग-अलग पदों पर बढ़त लगातार बदलती रही। इसलिए शुरुआती रुझानों को अंतिम चुनाव परिणाम मानना उचित नहीं है। अंतिम विजेताओं की आधिकारिक घोषणा के बाद ही चारों केंद्रीय पदों की पूरी तस्वीर स्पष्ट होगी।
