गोयल इंस्टीट्यूट में 'मिशन लाइफ' की गूँज: NBRI के सहयोग से पर्यावरण संरक्षण पर कार्यशाला और क्विज का आयोजन, मेधावी छात्र पुरस्कृत

'Mission LiFE' Resonates at Goyal Institute: Workshop and Quiz on Environmental Conservation Organized in Collaboration with NBRI; Meritorious Students Awarded
 
भारत सरकार के 'मिशन लाइफ' को समर्पित पहल यह आयोजन भारत सरकार के पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय द्वारा समर्थित ‘NBRI–पर्यावरण सूचना, जागरूकता, क्षमता निर्माण एवं आजीविका कार्यक्रम’ (EICAP) के अंतर्गत किया गया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य युवा इंजीनियरों और वैज्ञानिकों को सतत जीवन शैली अपनाने के लिए प्रेरित करना था।  प्रमुख अतिथियों की उपस्थिति और विशेषज्ञों का संबोधन कार्यक्रम की शुरुआत सरस्वती वंदना और दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुई। इस अवसर पर मुख्य रूप से उपस्थित रहे:  डॉ. ऋषि अस्थाना: निदेशक, गोयल इंस्टीट्यूट  डॉ. पंकज कुमार श्रीवास्तव: वरिष्ठ वैज्ञानिक ‘जी’, सीएसआईआर–NBRI  डॉ. अंजू पटेल: वैज्ञानिक ‘डी’, सीएसआईआर–NBRI  विशेषज्ञों ने मृदा स्वास्थ्य, जलवायु परिवर्तन के खतरों और सतत विकास के लक्ष्यों पर तकनीकी जानकारी साझा की। डॉ. पंकज श्रीवास्तव ने युवाओं से अपील की कि वे अपने दैनिक जीवन में छोटे-छोटे बदलाव करके पर्यावरण संरक्षण में बड़ी भूमिका निभा सकते हैं।  सामूहिक शपथ: हरित भविष्य का संकल्प निदेशक डॉ. ऋषि अस्थाना के मार्गदर्शन में संस्थान के सभी शिक्षकों और विद्यार्थियों ने पर्यावरण की रक्षा करने और सतत विकास को बढ़ावा देने के लिए सामूहिक शपथ ली। यह सत्र युवाओं में उत्तरदायित्व की भावना जगाने के लिए विशेष रूप से आयोजित किया गया था।  क्विज प्रतियोगिता: वैष्णवी सिन्हा बनीं विजेता जागरूकता सत्र के बाद आयोजित क्विज प्रतियोगिता में छात्रों के बीच कड़ी प्रतिस्पर्धा देखने को मिली। पर्यावरण और सामान्य विज्ञान पर आधारित इस प्रतियोगिता के परिणाम इस प्रकार रहे:  प्रथम स्थान: वैष्णवी सिन्हा (तृतीय वर्ष)  द्वितीय स्थान: साक्षी यादव (तृतीय वर्ष)  तृतीय स्थान: वैभव सिंह (प्रथम वर्ष) विजेताओं को अतिथियों द्वारा प्रमाणपत्र देकर सम्मानित किया गया।  आभार और समापन कार्यक्रम के अंत में जैव प्रौद्योगिकी विभाग की कंचन भट्ट ने मुख्य वक्ताओं, आयोजन समिति और संकाय सदस्यों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने विश्वास जताया कि इस तरह के कार्यक्रमों से छात्र न केवल अकादमिक रूप से समृद्ध होंगे, बल्कि समाज के प्रति जागरूक नागरिक भी बनेंगे।
लखनऊ, 20 अप्रैल 2026: राजधानी स्थित गोयल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी एंड मैनेजमेंट (GITM) के जैव प्रौद्योगिकी विभाग और संस्थान की इनोवेशन काउंसिल (IIC) द्वारा पर्यावरण सुरक्षा की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया। संस्थान ने सीएसआईआर–राष्ट्रीय वनस्पति अनुसंधान संस्थान (NBRI), लखनऊ के सहयोग से ‘मिशन लाइफ जागरूकता कार्यक्रम एवं क्विज प्रतियोगिता’ का शानदार आयोजन किया।

भारत सरकार के 'मिशन लाइफ' को समर्पित पहल

यह आयोजन भारत सरकार के पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय द्वारा समर्थित ‘NBRI–पर्यावरण सूचना, जागरूकता, क्षमता निर्माण एवं आजीविका कार्यक्रम’ (EICAP) के अंतर्गत किया गया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य युवा इंजीनियरों और वैज्ञानिकों को सतत जीवन शैली अपनाने के लिए प्रेरित करना था।

प्रमुख अतिथियों की उपस्थिति और विशेषज्ञों का संबोधन

कार्यक्रम की शुरुआत सरस्वती वंदना और दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुई। इस अवसर पर मुख्य रूप से उपस्थित रहे:

  • डॉ. ऋषि अस्थाना: निदेशक, गोयल इंस्टीट्यूट

  • डॉ. पंकज कुमार श्रीवास्तव: वरिष्ठ वैज्ञानिक ‘जी’, सीएसआईआर–NBRI

  • डॉ. अंजू पटेल: वैज्ञानिक ‘डी’, सीएसआईआर–NBRI

विशेषज्ञों ने मृदा स्वास्थ्य, जलवायु परिवर्तन के खतरों और सतत विकास के लक्ष्यों पर तकनीकी जानकारी साझा की। डॉ. पंकज श्रीवास्तव ने युवाओं से अपील की कि वे अपने दैनिक जीवन में छोटे-छोटे बदलाव करके पर्यावरण संरक्षण में बड़ी भूमिका निभा सकते हैं।

सामूहिक शपथ: हरित भविष्य का संकल्प

निदेशक डॉ. ऋषि अस्थाना के मार्गदर्शन में संस्थान के सभी शिक्षकों और विद्यार्थियों ने पर्यावरण की रक्षा करने और सतत विकास को बढ़ावा देने के लिए सामूहिक शपथ ली। यह सत्र युवाओं में उत्तरदायित्व की भावना जगाने के लिए विशेष रूप से आयोजित किया गया था।

क्विज प्रतियोगिता: वैष्णवी सिन्हा बनीं विजेता

जागरूकता सत्र के बाद आयोजित क्विज प्रतियोगिता में छात्रों के बीच कड़ी प्रतिस्पर्धा देखने को मिली। पर्यावरण और सामान्य विज्ञान पर आधारित इस प्रतियोगिता के परिणाम इस प्रकार रहे:

  • प्रथम स्थान: वैष्णवी सिन्हा (तृतीय वर्ष)

  • द्वितीय स्थान: साक्षी यादव (तृतीय वर्ष)

  • तृतीय स्थान: वैभव सिंह (प्रथम वर्ष) विजेताओं को अतिथियों द्वारा प्रमाणपत्र देकर सम्मानित किया गया।

आभार और समापन

कार्यक्रम के अंत में जैव प्रौद्योगिकी विभाग की कंचन भट्ट ने मुख्य वक्ताओं, आयोजन समिति और संकाय सदस्यों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने विश्वास जताया कि इस तरह के कार्यक्रमों से छात्र न केवल अकादमिक रूप से समृद्ध होंगे, बल्कि समाज के प्रति जागरूक नागरिक भी बनेंगे।

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