विधानसभा चुनाव 2027 की तैयारियों को लेकर मेरठ में निर्वाचन आयोग की समीक्षा बैठक, 18 जिलों के अधिकारियों को दिए निर्देश

वरिष्ठ उप निर्वाचन आयुक्त मनीष गर्ग की अध्यक्षता में हुई बैठक, मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा भी रहे मौजूद; मतदाता सूची, ईवीएम-वीवीपैट, सुरक्षा और वेबकास्टिंग की तैयारियों पर हुई चर्चा

 
विधानसभा चुनाव 2027 की तैयारियों को लेकर मेरठ में निर्वाचन आयोग की समीक्षा बैठक, 18 जिलों के अधिकारियों को दिए निर्देश

मेरठ/लखनऊ, नवंबर 2026। उत्तर प्रदेश में आगामी विधानसभा सामान्य निर्वाचन-2027 को निष्पक्ष, पारदर्शी और शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए भारत निर्वाचन आयोग ने तैयारियां तेज कर दी हैं। इसी क्रम में सोमवार को मेरठ स्थित ऊर्जा भवन, पश्चिमांचल विद्युत वितरण निगम में समीक्षा बैठक आयोजित की गई। वरिष्ठ उप निर्वाचन आयुक्त मनीष गर्ग की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा और आयोग के अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

बैठक में मेरठ, सहारनपुर, मुरादाबाद और अलीगढ़ मंडलों के अंतर्गत आने वाले 18 जिलों की निर्वाचन तैयारियों की समीक्षा की गई। इसमें संबंधित मंडलायुक्त, पुलिस आयुक्त, पुलिस महानिरीक्षक एवं उप महानिरीक्षक, जिला निर्वाचन अधिकारी तथा वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक और पुलिस अधीक्षक शामिल हुए।

मतदाता सूची से लेकर ईवीएम और सुरक्षा व्यवस्था तक की समीक्षा

बैठक के दौरान जिला अधिकारियों ने प्रस्तुतिकरण के माध्यम से चुनावी तैयारियों की प्रगति की जानकारी दी। मतदाता सूची को त्रुटिरहित बनाने और अद्यतन करने, मतदान केंद्रों पर न्यूनतम आवश्यक सुविधाओं (AMF) की उपलब्धता, ईवीएम एवं वीवीपैट के प्रबंधन, निर्वाचन कार्मिकों की उपलब्धता और प्रशिक्षण जैसे विषयों पर चर्चा हुई।

इसके अलावा कानून-व्यवस्था, संवेदनशील एवं अति संवेदनशील मतदान केंद्रों की पहचान, सुरक्षा बलों की उपलब्धता और तैनाती, पुलिस-प्रशासन के बीच समन्वय तथा मतदान केंद्रों की वेबकास्टिंग और निगरानी व्यवस्था की भी समीक्षा की गई।

समयबद्ध तरीके से पूरी करें निर्वाचन की तैयारियां: मनीष गर्ग

वरिष्ठ उप निर्वाचन आयुक्त मनीष गर्ग ने कहा कि कई जिलों में ऐसे अधिकारी भी तैनात हैं, जो पहली बार जिला निर्वाचन अधिकारी या पुलिस अधिकारी के रूप में विधानसभा चुनाव की जिम्मेदारी संभालेंगे। ऐसे अधिकारियों के लिए यह बैठक विशेष रूप से महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि अनुभवी अधिकारियों के लिए भी निर्वाचन संबंधी दिशा-निर्देशों में समय-समय पर होने वाले बदलावों को समझना जरूरी है।

उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि बैठक में चर्चा किए गए प्रत्येक बिंदु को गंभीरता से लेते हुए चुनावी तैयारियों को समयबद्ध और प्रभावी ढंग से पूरा किया जाए। निर्वाचन कार्मिकों के प्रशिक्षण, मतदाता सूची में अनुपस्थित, स्थानांतरित, दोहरी प्रविष्टि वाले और मृतक मतदाताओं (ASDD) के सत्यापन तथा सीमावर्ती जिलों के साथ समन्वय बैठकें आयोजित करने पर जोर दिया गया।

उन्होंने मतदान केंद्रों पर न्यूनतम आवश्यक सुविधाएं सुनिश्चित करने और ईवीएम जागरूकता कार्यक्रम शुरू करने के निर्देश भी दिए। निर्वाचन के दौरान शराब के अवैध परिवहन और वितरण पर निगरानी रखने के लिए डिस्टिलरी के स्रोत और निकास बिंदुओं पर जांच सुनिश्चित करने को कहा गया। मतदान दिवस पर मतदेय स्थलों पर मोबाइल ड्रॉप बॉक्स व्यवस्था को स्वयंसेवकों की सहायता से प्रभावी बनाने के निर्देश भी दिए गए।

इसके साथ ही राज्यस्तरीय मास्टर ट्रेनरों के प्रशिक्षण और पोस्टल बैलेट से संबंधित दिशा-निर्देशों का अध्ययन कर संबंधित अधिकारियों को प्रशिक्षित करने पर भी बल दिया गया।

नए मतदाताओं को जोड़ने के लिए स्कूल-कॉलेजों में चलेगा अभियान

मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा ने पहली बार मतदाता बनने वाले युवाओं को मतदाता सूची में शामिल करने के लिए कक्षा 11वीं-12वीं और डिग्री कॉलेजों में विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि फॉर्म-6 के अस्वीकृत आवेदनों का दोबारा परीक्षण किया जाए, ताकि पात्र नागरिकों को मतदाता सूची में शामिल किया जा सके।

उन्होंने पंचायत और विधानसभा निर्वाचन क्षेत्रों की निर्वाचक नामावलियों का मिलान कर छूटे हुए मतदाताओं की पहचान करने को कहा। फॉर्म-6 भरवाते समय आवेदकों का मोबाइल नंबर और पूरा पता सही दर्ज कराने के निर्देश भी दिए गए। जनसुविधा केंद्रों के संचालकों को ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया और दोहरी प्रविष्टियों (Multiple Entries) को रोकने के संबंध में तत्काल प्रशिक्षित करने को कहा गया।

मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण की समाप्ति के बाद से अब तक कंप्यूटर सहायकों द्वारा दर्ज किए गए सभी फॉर्म-6, 7 और 8 की दोबारा जांच कराने के निर्देश भी दिए।

शिकायतों का समयबद्ध निस्तारण और निगरानी व्यवस्था मजबूत करने पर जोर

नवदीप रिणवा ने विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण-2027 और विधानसभा चुनाव के दौरान जिला संपर्क केंद्रों को सक्रिय रखने के निर्देश दिए। NGRS, PGRS और अन्य माध्यमों से मिलने वाली शिकायतों की नियमित समीक्षा कर उनका समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित करने को कहा गया। लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 और निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण नियम, 1960 के तहत प्राप्त अपीलों का भी निर्धारित समय में निस्तारण करने के निर्देश दिए गए।

चुनाव के दौरान निगरानी के लिए फ्लाइंग स्क्वॉड टीम (FST) और स्टैटिक सर्विलांस टीम (SST) की नियमानुसार तैनाती सुनिश्चित करने को कहा गया। सेक्टर मजिस्ट्रेट और सेक्टर पुलिस अधिकारी संयुक्त रूप से मतदान केंद्रों का भ्रमण कर संवेदनशील क्षेत्रों की वल्नरेबिलिटी मैपिंग करेंगे। मतदान पार्टियों की रवानगी और निर्वाचन सामग्री जमा करने के स्थलों का जिलाधिकारी एवं पुलिस अधीक्षक संयुक्त रूप से निरीक्षण करेंगे।

सभी मतदान केंद्रों पर होगी वेबकास्टिंग

बैठक में निर्देश दिए गए कि मतदान केंद्रों पर उपलब्ध न्यूनतम सुविधाओं की जानकारी ECINET ऐप पर भी अपडेट की जाए। विधानसभा सामान्य निर्वाचन-2027 के दौरान सभी मतदान केंद्रों पर वेबकास्टिंग कराई जाएगी। इसके लिए स्क्रीन पर वेबकास्टिंग देखने और निगरानी करने के लिए प्रशिक्षित कार्मिकों की तैनाती सुनिश्चित करने तथा मतदान केंद्रों के अंदर और बाहर कैमरों को उचित तरीके से लगाने को कहा गया।

इसके अलावा मतदाता सूचना पर्ची (Voter Information Slip) का मतदान दिवस से पांच दिन पहले वितरण और बीएलओ के रजिस्टर में उसका रिकॉर्ड दर्ज करने के निर्देश दिए गए। सोशल मीडिया पर मिलने वाली शिकायतों पर तुरंत संज्ञान लेकर तथ्यपरक जवाब देने और झूठी या भ्रामक खबरों को साइबर सेल के साथ साझा करने पर भी जोर दिया गया।

समीक्षा में शामिल रहे 18 जिले

बैठक में मेरठ मंडल से मेरठ, बागपत, बुलंदशहर, गौतमबुद्ध नगर, गाजियाबाद और हापुड़; सहारनपुर मंडल से सहारनपुर, मुजफ्फरनगर और शामली; मुरादाबाद मंडल से अमरोहा, बिजनौर, मुरादाबाद, रामपुर और संभल तथा अलीगढ़ मंडल से अलीगढ़, एटा, हाथरस और कासगंज के अधिकारी शामिल रहे।

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