लखनऊ में पूर्व सैनिकों का हुंकार: "राष्ट्र प्रथम" के संकल्प के साथ अवध प्रांत का प्रशिक्षण वर्ग संपन्न
विकसित भारत के लिए पूर्व सैनिकों का संकल्प
प्रशिक्षण वर्ग का मुख्य एजेंडा "राष्ट्र प्रथम" के मूल मंत्र पर केंद्रित रहा। सत्र के दौरान वक्ताओं ने इस बात पर जोर दिया कि सेवानिवृत्ति के बाद भी एक सैनिक का कर्तव्य समाप्त नहीं होता। प्रशिक्षण में निम्नलिखित प्रमुख संकल्प लिए गए:
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विकसित भारत 2047: भारत को एक विकसित राष्ट्र बनाने के लक्ष्य में पूर्व सैनिकों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करना।
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समाज उत्थान: समाज के उत्थान और युवाओं के मार्गदर्शन के लिए अपनी सैन्य विशेषज्ञता और अनुशासन का उपयोग करना।
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सामाजिक जिम्मेदारी: पूरे जोश और उमंग के साथ अपनी सामाजिक जिम्मेदारियों का निर्वहन करना।
महापुरुषों को नमन और वैचारिक सत्र
कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन और माँ भारती एवं नेताजी सुभाष चन्द्र बोस के चित्रों पर माल्यार्पण व पुष्पांजलि के साथ हुआ। गणमान्य अतिथियों ने संगठन की मजबूती और भविष्य की कार्ययोजना पर गहन विचार-विमर्श किया। वक्ताओं ने संगठन को "दिन दूनी और रात चौगुनी" उन्नति की राह पर ले जाने के लिए संगठनात्मक ढांचे को और सशक्त बनाने के सुझाव साझा किए।
कार्यक्रम में प्रमुख उपस्थिति
प्रशिक्षण वर्ग में सैन्य जगत और समाज के कई प्रतिष्ठित व्यक्तित्व शामिल हुए, जिनमें मुख्य रूप से:
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ले. कर्नल बीरेंद्र सिंह तोमर (अध्यक्ष, अवध प्रांत)
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कर्नल लक्ष्मीकांत तिवारी (राष्ट्रीय सचिव)
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मेजर आनंद टंडन (प्रदेश संगठन सचिव)
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डॉ. संग्राम सिंह (संघ प्रचारक, लखनऊ)
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श्रीमती मंजू सिंह (मातृ शक्ति अध्यक्ष, लखनऊ)
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ऑनरेरी कैप्टन इंदल सिंह (प्रदेश उपाध्यक्ष)
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वारंट आफिसर ललित मोहन पंत (जिला अध्यक्ष, लखनऊ)
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सूबेदार मेजर बी एल वर्मा (महासचिव, अवध प्रांत)
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ऑनरेरी कैप्टन संदीप सिंह (जिला महासचिव, लखनऊ)
राष्ट्रभक्ति के उद्घोष के साथ समापन
प्रशिक्षण वर्ग का समापन अत्यंत गौरवपूर्ण माहौल में हुआ। अंत में राष्ट्रगान, वंदे मातरम और 'भारत माता की जय' के गगनभेदी उद्घोष के साथ सभी पूर्व सैनिकों ने राष्ट्र सेवा का नया उत्साह लेकर विदा ली।

