फैकल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम शिक्षकों एवं शोधकर्ताओं के लिए अत्यंत ज्ञानवर्धक एवं लाभकारी सिद्ध होगा
इस एफडीपी का मुख्य उद्देश्य भारतीय ज्ञान परंपरा में निहित सार्वजनिक स्वास्थ्य से संबंधित प्राचीन अवधारणाओं को समझना, उनके आधुनिक परिप्रेक्ष्य में प्रभावों का विश्लेषण करना तथा शिक्षण एवं शोध कार्यों में उनके व्यावहारिक अनुप्रयोग को प्रोत्साहित करना रहा। कार्यक्रम में देश के विभिन्न उच्च शिक्षण संस्थानों से जुड़े शिक्षकों एवं शोधार्थियों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की।
कार्यक्रम के अंतर्गत त्रिपुरा विश्वविद्यालय (केंद्रीय विश्वविद्यालय) के प्राणी विज्ञान विभाग के एसोसिएट प्रोफेसर एवं सार्वजनिक स्वास्थ्य विशेषज्ञ को मुख्य वक्ता एवं रिसोर्स पर्सन के रूप में आमंत्रित किया गया। उनके व्याख्यानों के माध्यम से प्रतिभागियों को भारतीय ज्ञान प्रणाली और सार्वजनिक स्वास्थ्य के पारस्परिक संबंधों पर गहन, वैज्ञानिक एवं व्यावहारिक दृष्टिकोण प्राप्त हुआ।
एफडीपी के दौरान भारतीय ज्ञान प्रणाली, आयुष, पारंपरिक स्वास्थ्य पद्धतियाँ, पर्यावरणीय स्वास्थ्य तथा समकालीन सार्वजनिक स्वास्थ्य चुनौतियाँ जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विशेषज्ञ व्याख्यान एवं संवादात्मक सत्र आयोजित किए गए। कार्यक्रम में डॉ. लक्ष्मी शंकर अवस्थी, डीन (एकेडमिक्स), लखनऊ पब्लिक कॉलेज ऑफ प्रोफेशनल स्टडीज़ तथा डॉ. आनंद कुमार राय, एसोसिएट प्रोफेसर, कंप्यूटर साइंस विभाग, लखनऊ पब्लिक कॉलेज ऑफ प्रोफेशनल स्टडीज़, लखनऊ ने विशिष्ट वक्ता के रूप में अपने विचार साझा किए।
कार्यक्रम के आयोजक डॉ. विवेक मिश्रा, डीन (एकेडमिक्स), श्री शारदा ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूट, लखनऊ ने विश्वास व्यक्त किया कि यह फैकल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम शिक्षकों एवं शोधकर्ताओं के लिए न केवल ज्ञानवर्धक सिद्ध होगा, बल्कि भारतीय ज्ञान परंपरा को समकालीन शिक्षा एवं शोध से जोड़ने में भी एक सशक्त मंच प्रदान करेगा।
