रेलवे की 'सर्जिकल स्ट्राइक': प्रयागराज में फर्जी टिकट गिरोह का भंडाफोड़, दो एटीवीएम फैसिलिटेटर गिरफ्तार
प्रयागराज | 24 मार्च 2026
उत्तर मध्य रेलवे (NCR) ने प्रयागराज में यात्रियों के साथ धोखाधड़ी और राजस्व चोरी के एक बड़े मामले को उजागर किया है। रेलवे प्रशासन और सतर्कता विभाग (Vigilance) की संयुक्त कार्रवाई में फर्जी टिकट जारी करने वाले दो एटीवीएम (ATVM) फैसिलिटेटरों को रंगे हाथों गिरफ्तार किया गया है।
कैसे हुआ खुलासे का आगाज़?
इस मामले की शुरुआत 21 मार्च 2026 को मिली एक गोपनीय सूचना से हुई, जिसमें प्रयागराज स्टेशन से फर्जी टिकट जारी किए जाने की आशंका जताई गई थी। रेलवे प्रशासन ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्काल जांच के आदेश दिए। 21 और 22 मार्च को तकनीकी विशेषज्ञों और फील्ड अधिकारियों की गहन पड़ताल में संदिग्ध गतिविधियों की पुष्टि हुई।
विजिलेंस और वाणिज्य विभाग की संयुक्त कार्रवाई
23 मार्च 2026 को प्रयागराज मण्डल के वाणिज्य विभाग और उत्तर मध्य रेलवे मुख्यालय की विजिलेंस टीम ने एक विशेष अभियान चलाया। इस दौरान दो मुख्य आरोपियों को दबोचा गया:
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गौरव पाण्डेय (ATVM फैसिलिटेटर)
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विनय शुक्ला (ATVM फैसिलिटेटर)
इन दोनों के खिलाफ जालसाजी और धोखाधड़ी की धाराओं के तहत प्राथमिकी (FIR) दर्ज कराई गई है। साथ ही, फर्जी टिकट प्रिंटिंग से जुड़े अन्य बाहरी व्यक्तियों को भी इस एफआईआर में नामजद किया गया है।
धोखाधड़ी का तरीका: बाहरी स्रोतों से प्रिंटिंग
प्रारंभिक पूछताछ में चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं। आरोपी एटीवीएम मशीन के बजाय बाहरी स्रोतों से फर्जी टिकट प्रिंट कराकर सीधे यात्रियों को बेच रहे थे।
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राजस्व की हानि: इस कृत्य से रेलवे को सीधे तौर पर आर्थिक नुकसान पहुँचाने की कोशिश की गई।
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यात्रियों से ठगी: यात्रियों को असली जैसा दिखने वाला फर्जी टिकट थमाकर उनके साथ गंभीर धोखाधड़ी की गई।
रेलवे कर्मियों की भूमिका पर स्पष्टीकरण
रेल प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि अब तक की जांच में किसी भी नियमित रेलवे कर्मचारी की संलिप्तता सामने नहीं आई है। यह पूरी तरह से अनुबंध पर काम करने वाले फैसिलिटेटरों की व्यक्तिगत जालसाजी का मामला प्रतीत हो रहा है।
सख्त कार्रवाई का संकल्प
रेलवे प्रशासन इस नेटवर्क की गहराई तक पहुँचने के लिए विस्तृत जांच कर रहा है। सतर्कता टीम अन्य संभावित कड़ियों और संलिप्त व्यक्तियों की पहचान कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि दोषियों के विरुद्ध कठोरतम कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
रेलवे की अपील: रेल प्रशासन ने यात्रियों से अनुरोध किया है कि वे हमेशा अधिकृत काउंटरों या आधिकारिक मोबाइल ऐप से ही टिकट लें। किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तत्काल रेलवे हेल्पलाइन पर दें।
