लखनऊ स्टेशन पर रेलवे कुली पर रॉड और डंडों से जानलेवा हमला; GRP ने साधी चुप्पी तो डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक के पास पहुंचे कुली
लखनऊ, 08 जून 2026: राजधानी लखनऊ के चारबाग रेलवे स्टेशन पर उस समय हड़कंप मच गया जब सुबह लखनऊ मेल (Lucknow Mail) से यात्री का सामान उतार रहे एक रेलवे कुली पर कुछ दबंगों ने लाठी, डंडों और लोहे की रॉड से जानलेवा हमला कर दिया। इस हमले में कुली गंभीर रूप से घायल हो गया है। हैरान करने वाली बात यह है कि इस गंभीर वारदात को उत्तर रेलवे राजकीय रेलवे पुलिस (GRP) बेहद साधारण घटना बताकर टालती रही, जिसके बाद आक्रोशित कुलियों ने लामबंद होकर सूबे के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक से न्याय की गुहार लगाई।
सामान उठाने को लेकर हुआ था विवाद, छीन ले गए कुली की ट्रॉली
पीड़ित कुली एहरार के मुताबिक, पूरा विवाद लखनऊ मेल ट्रेन से एक यात्री का सामान उतारने के दौरान शुरू हुआ। सामान उठाने को लेकर वहां मौजूद कुछ लोगों से कहासुनी हो गई, जो देखते ही देखते हिंसक झड़प में बदल गई।
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आरोपियों के नाम: पीड़ित एहरार ने घटना की लिखित तहरीर जीआरपी को दी है, जिसमें उसने सुधीर, मकबूल और उनके साथियों पर सीधे तौर पर हमले का आरोप लगाया है।
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जानलेवा हमला: आरोपियों ने पीड़ित को घेरकर डंडों और लोहे की रॉड से बुरी तरह पीटा और लहूलुहान कर दिया।
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लूट और धमकी: दबंगों ने न केवल एहरार को जान से मारने की धमकी दी, बल्कि उसकी आजीविका का साधन— उसकी सामान ढोने वाली ट्रॉली भी जबरन अपने साथ लूट ले गए।
जीआरपी की लापरवाही पर भड़के कुली, डिप्टी सीएम ने दिए तुरंत एक्शन के निर्देश
घटना के तुरंत बाद लहूलुहान हालत में पीड़ित कुली एहरार उत्तर रेलवे जीआरपी थाने पहुंचा और मामले की तहरीर दी। लेकिन आरोप है कि घंटों बीत जाने के बाद भी जीआरपी ने आरोपियों के खिलाफ कोई ठोस कानूनी कार्रवाई नहीं की और मामले को ठंडे बस्ते में डाले रखा।
जीआरपी के इस उदासीन और ढुलमुल रवैए से चारबाग स्टेशन के 'कुलियाना' (कुली समुदाय) में भारी आक्रोश फैल गया। न्याय न मिलता देख भारी संख्या में कुली एकजुट हुए और सीधे उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक के आवास पर जा पहुंचे। डिप्टी सीएम ने पीड़ित कुली की आपबीती को बेहद गंभीरता से सुना और लखनऊ रेलवे जीआरपी को फोन कर त्वरित और कड़ी कानूनी कार्रवाई करने के सख्त निर्देश जारी किए।
स्टेशन परिसर में सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
उपमुख्यमंत्री के कड़े रुख के बाद अब जीआरपी बैकफुट पर है और मामले में आगे की कार्रवाई की तैयारी कर रही है। हालांकि, इस घटना ने वीवीआईपी चारबाग रेलवे स्टेशन परिसर की सुरक्षा व्यवस्था और जीआरपी की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं कि कैसे सरेआम लोहे की रॉड से हमला कर आरोपी फरार हो जाते हैं और पुलिस इसे साधारण घटना बताने में जुटी रहती है। वर्तमान में इस घटना को लेकर स्थानीय रेल कर्मियों और कुलियों के बीच तनाव का माहौल बना हुआ है।

