फर्टिलाइजर कंपनियों की मनमानी के विरोध में लखनऊ में एकजुट हुए खाद व्यापारी, सरकार से हस्तक्षेप की मांग

Fertilizer traders unite in Lucknow to protest against the arbitrary actions of fertilizer companies; demand government intervention.
 
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लखनऊ। फर्टिलाइजर कंपनियों की कथित मनमानी और खुदरा खाद व्यापारियों के उत्पीड़न के विरोध में मंगलवार को राजधानी लखनऊ के निराला नगर स्थित जेसी गेस्ट हाउस में "खुदरा खाद व्यापारी सम्मेलन" आयोजित किया गया। खुदरा कृषि व्यापारी वेलफेयर एसोसिएशन, उत्तर प्रदेश आदर्श व्यापार मंडल के तत्वावधान में आयोजित इस सम्मेलन में प्रदेश के विभिन्न जिलों से आए खाद व्यापारियों ने अपनी समस्याएं उठाईं और सरकार से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की।

सम्मेलन में उत्तर प्रदेश आदर्श व्यापार मंडल के प्रदेश अध्यक्ष संजय गुप्ता मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। उन्होंने कहा कि खाद व्यापारियों की समस्याओं के समाधान के लिए आदर्श व्यापार मंडल पूरी मजबूती के साथ उनके साथ खड़ा रहेगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी व्यापारी का किसी भी स्तर पर उत्पीड़न बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और संगठन उनकी आवाज शासन-प्रशासन तक प्रभावी ढंग से पहुंचाएगा।

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सम्मेलन में व्यापारियों ने आरोप लगाया कि फर्टिलाइजर कंपनियां सरकार के निर्धारित नियमों का पालन नहीं कर रही हैं। उनका कहना था कि कंपनियों की मनमानी के कारण खुदरा खाद व्यापारियों को आर्थिक नुकसान उठाकर किसानों तक खाद पहुंचानी पड़ रही है, जिससे उनका व्यवसाय लगातार संकट में है।

खुदरा कृषि व्यापारी वेलफेयर एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष आर.के. कन्नौजिया और प्रदेश महासचिव अमित गुप्ता ने बताया कि सरकार की ओर से उर्वरक कंपनियों को सब्सिडी दिए जाने के बावजूद निर्धारित व्यवस्था का पालन नहीं किया जा रहा है। नियमों के अनुसार कंपनियों को खाद खुदरा विक्रेताओं के प्रतिष्ठानों तक पहुंचानी चाहिए, लेकिन अधिकांश कंपनियां व्यापारियों को रेलहेड और गोदामों से स्वयं खाद उठाने के लिए मजबूर करती हैं।

उन्होंने कहा कि इससे व्यापारियों पर परिवहन, लोडिंग-अनलोडिंग, जीएसटी, दुकान का किराया, बिजली, कर्मचारियों का वेतन और बैंक ब्याज जैसे अतिरिक्त खर्चों का बोझ पड़ता है। दूसरी ओर किसानों के लिए यूरिया का अधिकतम बिक्री मूल्य निर्धारित होने के कारण व्यापारी अतिरिक्त लागत की भरपाई भी नहीं कर पाते, जिससे उन्हें प्रत्येक बोरी पर नुकसान उठाना पड़ता है।

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एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने यह भी आरोप लगाया कि सरकार द्वारा उर्वरक डीलरों के लिए निर्धारित ₹354 प्रति टन डीलर मार्जिन का लाभ आज तक अधिकांश व्यापारियों को नहीं मिल सका है। इससे खुदरा खाद विक्रेताओं की आर्थिक स्थिति लगातार कमजोर होती जा रही है।

इस दौरान संजय गुप्ता ने घोषणा की कि उत्तर प्रदेश आदर्श व्यापार मंडल का प्रतिनिधिमंडल जल्द ही प्रदेश के कृषि मंत्री और कृषि विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों से मुलाकात करेगा। प्रतिनिधिमंडल फर्टिलाइजर कंपनियों की मनमानी पर रोक लगाने, सरकारी नियमों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित कराने और व्यापारियों को निर्धारित डीलर मार्जिन उपलब्ध कराने की मांग करेगा।

सम्मेलन में एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष आर.के. कन्नौजिया और प्रदेश महासचिव अमित गुप्ता ने चेतावनी दी कि यदि कंपनियों ने नियमों का पालन नहीं किया और व्यापारियों की समस्याओं का समाधान नहीं हुआ, तो निजी क्षेत्र के खाद व्यापारी खाद की खरीद बंद करने पर विचार करने को मजबूर होंगे। उन्होंने कहा कि ऐसी स्थिति में किसानों को होने वाली किसी भी असुविधा की जिम्मेदारी संबंधित फर्टिलाइजर कंपनियों की होगी।

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सम्मेलन को प्रदेश उपाध्यक्ष देश दीपक बाजपेई, प्रदेश संगठन मंत्री अवनीश सिंह, लहरपुर अध्यक्ष अरविंद मिश्रा, महोली अध्यक्ष राजेश यादव, मिश्रिख अध्यक्ष अजय पाल, बिसवां अध्यक्ष दीपचंद, विश्वनाथ प्रताप सिंह, वीरेंद्र मधुकर, किशन शुक्ला सहित विभिन्न जिलों से आए पदाधिकारियों ने भी संबोधित किया। कार्यक्रम में प्रदेशभर से बड़ी संख्या में कृषि एवं खाद व्यापार से जुड़े व्यापारी मौजूद रहे।

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