अस्पताल कम और 'वैलनेस सेंटर' ज्यादा खुलने चाहिए: डॉ. कल्पना सिंह
तनाव मुक्ति का सशक्त माध्यम है योग
संगोष्ठी के मुख्य अतिथि, पूर्व विशेष सचिव डॉ. सी. पी. शर्मा ने अपने संबोधन में कहा कि वर्तमान युग की भागदौड़ और मानसिक तनाव से मुक्ति पाने के लिए योग एवं ध्यान ही सबसे प्रभावी मार्ग है। विशिष्ट अतिथि और सदर स्थित काली मंदिर के महंत रोहताश पुरी ने नेचुरोपैथी को परिभाषित करते हुए इसे एक स्वदेशी, सरल और किफायती चिकित्सा पद्धति बताया।

वैलनेस सेंटर्स पर जोर
कार्यक्रम की संयोजक डॉ. कल्पना सिंह ने देश की स्वास्थ्य व्यवस्था पर एक महत्वपूर्ण विचार रखते हुए कहा, "आज के समय में देश को अस्पतालों से ज्यादा वैलनेस सेंटर्स की आवश्यकता है, ताकि लोग बीमार पड़ने से पहले ही अपने स्वास्थ्य का प्रबंधन कर सकें।" वहीं, डॉ. गौरव सक्सेना ने दैनिक दिनचर्या में सुधार लाने की आवश्यकता पर जोर दिया। संस्थान की निदेशक स्वाती सिंह ने फाउंडेशन के आगामी मिशन और लक्ष्यों के बारे में विस्तार से जानकारी साझा की।
विशिष्ट विभूतियों का सम्मान
फाउंडेशन द्वारा विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाली प्रतिभाओं को स्मृति चिन्ह और अंग वस्त्र प्रदान कर सम्मानित किया गया। सम्मानित होने वालों में प्रमुख हैं:
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समाज सेविका अनिभा सैनी
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डॉ. राजीव नयन शर्मा (कानपुर)
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योग गुरु कृष्ण दत्त मिश्रा
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डॉ. नितिन सिन्हा (फिजियोथेरेपिस्ट)
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शोभा रानी (नेशनल होम्योपैथिक मेडिकल कॉलेज)
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डॉ. संतोष कुमार पाल एवं अन्य गणमान्य व्यक्ति।
सैकड़ों लोगों की रही उपस्थिति
कार्यक्रम का सफल संचालन डॉ. अरुण कुमार भरारी और डॉ. अतुल कुमार ने किया। इस गरिमामयी अवसर पर बाबा चंद्र शेखर सिंह, राहुल गुप्ता, एस.पी. वर्मा, हेमलता सिंह चौहान, शिवानी सिंह, रामानंद सैनी और एडवोकेट विजय कुमार सहित सैकड़ों की संख्या में स्थानीय नागरिक और स्वास्थ्य प्रेमी उपस्थित रहे।
